- बासौदा और पबई रेलवे स्टेशन के बीच आधी रात को श्रीधाम एक्सप्रेस में आधा दर्जन बदमाशों ने मचाया उत्पात

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विदिशा। घटना के बाद स्थल का जायजा लेते पुलिस अधिकारी।

विदिशा। बुधवार और गुरूवार की दरमियानी रात गंजबासौदा और पबई रेलवे स्टेशन के बीच आधा दर्जन से अधिक बदमाशों द्वारा श्रीधाम एक्सप्रेस में मचाए उत्पात और लूट की घटना में विदिशा एसपी विनीत कपूर ने चड्डी बनियानधारी गिरोह का हाथ होने की आशंका जताई है। वहीं जीआरपी के थाना प्रभारी मकसूद खान ने इस आशंका से इंकार किया है। उनका कहना है कि उत्पात मचाने वाले आरोपी कुर्ता पायजामा पहने हुए थे। उन्होंने पेशेवर अपराधी की आशंका से भी इंकार किया है। इधर, जानकारों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले भी ट्रेनों पर पथराव की घटना हो चुकी हैं।

मालूम हो बुधवार-गुरूवार की रात नई दिल्ली से जबलपुर जा रही श्रीधाम एक्सप्रेस करीब पौने 12 बजे गंजबासौदा रेलवे स्टेशन से भोपाल के लिए रवाना हुई थी। करीब 5-6 किलोमीटर आगे जाते ही ट्रेन अचानक रुक गई और अज्ञात बदमाशों ने स्लीपर कोच की बोगियों पर पथराव शुरू कर दिया। इससे बोगियों में बैठे यात्री बुरी तरह घबरा गए। बदमाशों ने एस-2 से लेकर एस-6 तक की बोगियों को अपना निशाना बनाया था। जिसके चलते इन बोगियों में यात्रियों के बीच भगदड़ की स्थिति बन गई थी। एस-2 और एस-3 के कई यात्री भागकर दूसरे कोच में चले गए थे। पथराव शुरू होते ही यात्रियों ने बोगियों के दरवाजे बंद कर दिए थे। जिस कारण बदमाश बोगियों में नहीं घुस पाए। उन्होंने खिड़की किनारे बैठी महिलाओं को ही अपना निशाना बनाया। इस दौरान उन्होंने दो महिलाओं के साथ लूटपाट की।

विदिशा स्टेशन पर भड़का यात्रियों का गुस्सा

रात करीब सवा 12 बजे श्रीधाम एक्सप्रेस विदिशा रेलवे स्टेशन पर पहुंची। यहां पर यात्रियों ने उनके साथ लूटपाट की सूचना फोन के जरिए जीआरपी थाने को दी। लेकिन जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के लिए एक आरक्षक को ट्रेन में भेज दिया। इससे ट्रेन में सवार यात्री नाराज हो गए और उन्होंने हंगामा कर दिया। इसके बाद मौके पर अधिकारी पहुंचे और यात्रियों से घटना की जानकारी ली, तब जाकर नाराज यात्री शांत हुए। भोपाल पहुंचने पर यात्रियों ने जीआरपी में एफआईआर दर्ज कराई।

कान की बाली और मंगलसूत्र लूटा

जीआरपी थाना प्रभारी मकसूद खान ने बताया कि इस वारदात में बदमाशों ने दो महिलाओं के साथ लूटपाट की है। इनमें एस-2 में सवार मुरैना से भोपाल जा रही भोपाल की भदभदा रोड निवासी मीरा देवी भदौरिया और दतिया से जबलपुर जा रही मालती रावत शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मीरा देवी भदौरिया के कान की बाली और मालती रावत का मंगलसूत्र छीना गया है। हालांकि यह मंगलसूत्र नकली था। इसमें कुछ दाने सोने के बताए गए हैं। दोनों फरियादियों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है।

महिलाओं ने दिखाई हिम्मत

ट्रेन में सवार यात्रियों ने बताया कि अज्ञात बदमाश खिड़कियों के किनारे बैठी महिलाओं से लूटपाट की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने मालती रावत के गले पर झपट्टा मारकर मंगलसूत्र छीनने की कोशिश की। मालती ने बदमाश का हाथ पकड़ लिया और जोर से हाथ पर काट दिया। तब जाकर बदमाश वहां से फरार हुआ। मंगलसूत्र टूटने की वजह से सोने के दाने बिखर गए थे। इधर, मीरा देवी के कान की बाली छीनने के दौरान उनका कान भी कट गया था।

जीआरपी एसपी ने किया घटना स्थल का मुआयना

जीआरपी थाना प्रभारी मकसूद खान ने बताया कि घटना स्थल मुख्य सड़क से करीब 5 किमी. दूर था। जहां पर कोई दो पहिया वाहन जाने की स्थिति नहीं था। इस कारण रात में ही उन्हें करीब 5 किमी. पैदल चलना पड़ा। तब जाकर वे घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि घटना स्थल पर कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगे हैं। गुरूवार को भोपाल से प्रभारी एसपी नीतू सिंह डाबर और बीना से डीएसपी अभय चौधरी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना स्थल का जायजा लिया।

ट्रेन में सवार नहीं थे पुलिसकर्मी

जीआरपी और आरपीएफ द्वारा सभी ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए जाने के दावे किए जाते हैं। लेकिन बुधवार-गुरूवार की रात श्रीधाम एक्सप्रेस में कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। यात्रियों ने बताया कि नई दिल्ली से रवाना होते हुए ट्रेन में पुलिसकर्मी तैनात थे, लेकिन बीना जंक्शन पर पुलिस का यह स्टाफ उतर गया था। इसके बाद नए स्टाफ को ट्रेन में सवार होना था, लेकिन इस ट्रेन में कोई भी पुलिसकर्मी सवार नहीं था। जिसके कारण घटना के समय बदमाशों का मुकाबला करने में यात्रियों को परेशानी हुई।