पिपरिया, होशंगाबाद। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में गिद्धों की गणना कर रहे चार वनकर्मियों की उस वक्त जान पर बन आई, जब एक तरफ से बाघ और दूसरी तरफ से बाघिन आ गई। तीन वनकर्मी तत्काल पेड़ पर चढ़ गए, लेकिन एक वनकर्मी घबराहट में पेड़ पर नहीं चढ़ पाया। वह जान बचाने झाड़ियों की तरफ भागा और बेहोश हो गया। उसका मोबाइल गिर गया, जिसे बाघिन से चाटा, लेकिन उसकी नजर बेहोश वनकर्मी पर नहीं पड़ी।

गनीमत रही कि इस दौरान डिप्टी रेंजर वाहन से आ रहे थे, उनके वाहन की आवाज से डरकर बाघ और बाघिन भाग गए। डिप्टी रेंजर ने बेहोश वनकर्मी को उठाया। तीनों वनकर्मी भी पेड़ से उतरे। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के रेंजर सुरेश गोस्वामी ने बताया शनिवार को चार वनरक्षक नीमघान और तीन खोड़ा बीट में गिद्धों की गणना कर रहे थे। इस दौरान दोनों तरफ से बाघ-बाघिन आ रहे थे। उन्हें देखकर वनरक्षक मनोज वरकड़े, हरबंस सिंह व चौकीदार अमर सिंह पेड़ पर चढ़ गए, लेकिन अमित कौरव घबराहट में पेड़ पर नहीं चढ़ पाया।

जान बचाने के लिए पास की झाड़ियों की ओर भागा व बेहोश हो गया। तभी पीछे से डिप्टी रेंजर वाहन से आ रहे थे। वाहन की आवाज से डरकर बाघ बाघिन भाग गए। पेड़ पर चढ़े वनरक्षक मनोज वरकड़े ने बाघ का वीडियो भी बनाया है। रेंजर गोस्वामी ने बताया अभी बाघ बाघिन का मेटिंग सीजन चल रहा है।

श्योपुर-शिवपुरी हाइ्रवे पर आधी रात को दिखा बाघ

उधर राजस्थान की रणथंभौर सेंचुरी से आए दो बाघों की लोकेशन कूनांे सेंचुरी में मिलती रहती है। बीती रात इनमें से एक बाघ श्योपुर-शिवपुरी हाइवे पर टहलता दिखा। गाड़ियों में बैठे कुछ लोगों ने बाघ की हरकतों को कैमरे में भी कैद कर लिया। शनिवार रात 11:30 बजे मोनू शर्मा कार से शिवपुरी से वापस आ रहे थे। नौनपुरा घाटी के नीचे एक बाघ हाईवे पर दिखा। बाघ हाईवे को पार कर रहा था, गाड़ियों की हेडलाइट के कारण वह कुछ देर तक खड़ा रहा।