-शासन ने 43 नवीन तहसील गठन की दी स्वीकृति, सूची में सीहोर भी शामिल

-कर्मचारी व अधिकारी बढ़ने से आसानी से होंगे काम

फोटो 132 सीहोर। तहसील कार्यालय सीहोर

सीहोर। राज्य सरकार द्वारा नगरीय क्षेत्रों में 43 नवीन तहसील के गठन की सैद्घांतिक स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही प्रत्येक तहसील के लिये 16 नये पद भी स्वीकृत किए गए हैं। जिसमें सीहोर तहसील भी शामिल है। शहर की आबादी एक लाख से अधिक होने के कारण अब शहरी क्षेत्र के लिए नई तहसील का गठन होगा। इसके बाद मुख्यालय पर दो तहसीलदार बैठेंगे। इससे राजस्व के काम जल्दी निपटेंगे। नई तहसील गठन की प्रक्रिया चल रही है। इसमें अतिरिक्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित कई पद भी स्वीकृत हुए हैं। सीहोर तहसील में 157 गांव शामिल है। तहसील अगल होने से शहर में तहसील का अलग से काम होगा और गांवों का अलग। इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है। हालांकि इसमें करीब चार माह का समय लग जाएगा। नए पद मिलने और काम कम होने से लोगों को सीधा फायदा होगा। आम लोगों के अलावा प्रशासन भी अपनी ओर से जल्द काम निपटा सकेगा।

राज्य सरकार ने ऐसे नगरीय क्षेत्र, जहां एक लाख से ज्यादा और पांच लाख से कम जनसंख्या है वहां एक-एक तहसील बनाने की सैद्घांतिक स्वीकृति दी है। इससे प्रदेश में 43 नई तहसीलें बनेंगी। इसके साथ ही हर तहसील को 16 नए पद भी स्वीकृत किए हैं। इसका लाभ सीहोर तहसील को मिलेगा। क्योंकि नगरीय क्षेत्र की सीहोर तहसील ही इस दायरे में आती है। अब तहसील बनने के बाद गांव के राजस्व क्षेत्र और पटवारी हलका नंबर अलग-अलग होंगे। शहरी तहसील में मामले कम होंगे और निपटारा तेजी से होगा। सर्वे के बाद ही सब कुछ तय हो पाएगा।

इसकी जरूरत क्यों : शहर की आबादी करीब 1.50 लाख है। नई व्यवस्था में सरकार ने निर्णय लिया है कि जिस शहर की आबादी एक लाख से ऊपर होगी उसे तहसील बनाया जाएगा। जिससे लोगों के काम जल्द निपटेंगे।

कैसी होगी नई व्यवस्था

तहसील मुख्यालय पर बैठेंग दो तसीलदार, राजस्व के काम जल्द निपटेंगे।

यह होगा स्टाफ

नई तहसील में 16 लोगों का स्टाफ होगा। तहसीलदार के साथ अतिरिक्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार, एक सहायक ग्रेड एक, दो सहायक ग्रेड दो, चार सहायक ग्रेड तीन, 1 जमादार, 1 दफ्तरी, 1 बस्ताबरदार, 1 वाहन चालक और 4 भृत्य की नियुक्ति की जाएगी।

यहां भी बनेगी नई तहसील

नगरीय निकाय भोपाल-इंदौर में 5-5, जबलपुर-ग्वालियर में 3-3 और उज्जौन में 2 तहसील बनेंगी। नगरीय निकाय जिनकी जनसंख्या एक लाख से अधिक लेंकिन पांच लाख से कम है, उनमें एक-एक तहसील गठित किया जाना है। इस तरह से देवास, सतना, सागर, रतलाम, रीवा, कटनी, सिंगरौली, बुरहानपुर, खण्डवा, मुरैना, भिण्ड, गुना, शिवपुरी, छिन्दवाड़ा, विदिशा, छतरपुर, मन्दसौर, दमोह, नीमच, होशंगाबाद, खरगोन, सीहोर, बैतूल, सिवनी और दतिया में एक-एक नवीन तहसील गठित की जायेंगी। भविष्य में जनसंख्या बढ़ने पर निर्धारित मापदण्ड के अनुसार नवीन नगरीय तहसीलों के गठन की सैद्घांतिक स्वीकृति भी दी गई है।

लोगों को ये भी होगा फायदा

नई तहसील बनने और स्टाफ ज्यादा होने से नामांतरण, रजिस्ट्री, राजस्व मामले की सुनवाई, राजस्व कोर्ट के मामले जल्द निपटेंगे। इसमें प्रशासन, बिल्डर और आम लोगों को सीधा फायदा होगा।

नजूल की व्यवस्था यथावत रहेगी

वहीं शहरी क्षेत्र का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा नजूल क्षेत्र में आता है। जिसका फायदा नजूल क्षेत्र को लोगों को मिलता आ रहा है। नजूल क्षेत्र में कस्बा छावनी, गंज और बढ़ियाखेड़ी आते हैं। जिनके काम समय सीमा में आसानी से हो जाते हैं।

काम तेजी से निपटेंगे

सीहोर को अलग से तहसील बनाने की स्वीकृति मिली है। अभी इसे लागू होने में समय लगेगा। लेकिन यह जरूर है कि ऐसा होने से काम के निबटारे में तेजी आएगी।

राजकुमार खत्री, एसडीएम