-यशराज मैरिज गार्डन में पुराने फिल्मी गीतों से सजी सुरमयी शाम का आयोजन

फोटो 131 सीहोर। कार्यक्रम में प्रस्तुति देते हुए कलाकार।

सीहोर। शहर के कलाकारों ने यशराज मैरिज गार्डन में पुराने फिल्मी गीतों से सजी एक सुरमयी शाम आयोजित की। मां सरस्वती की प्रतिमा पर विधायक सुदेश राय, वरिष्ठ साहित्कार एवं लेखक मुकेश दुबे , ब्ल्यू बर्ड स्कूल के चेयरमेन बंसत दासवानी व कलाकारों द्वारा दीप प्रज्जावलित कर माल्यार्पण किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत, टोरामन दर्पण कहलाए भजन गाकर गायिका सीमा जोशी ने की, एन ईवनिंग इन पेरिस गाना दीपक बेलानी ने गाकर माहोल को खुशनुमा किया, मेहबूब मेरे युगल गीत विजय पालीवाल व सीमा जोशी ने गया, फिर जैसे ही तौबा ये मतवाली चाल गीत डीके मालवीय द्वारा शुरू किया लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से सारा माहौल खुशनुमा बना दिया। पूरे कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ साहित्यकार शैलेष तिवारी ने किया व श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। अंत में गायक डीके मालवीय द्वारा गीत कभी अलविदा ना कहना गाकर सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित होकर नगरवासियों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया व कलाकारों की दिल से सराहना की।

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कम्प्यूटर ऑपरेटर ने फांसी नहीं लगाई थी, छोटे भाई ने की थी गला दबाकर हत्या

- हत्या कर चुपचाप जाकर सो गया था।

- सिर में चोट होने के कारण पुलिस को हुआ था शक, पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की तो टूट गया भाई।

- बड़े भाई की सीख रास नहीं आई और तनाव के चलते उतार दिया मौत के घाट

सीहोर। जिला पंचायत के कम्प्यूटर ऑपरेटर द्वारा फांसी नहीं लगाई थी बल्कि उसके छोटे भाई द्वारा गला दबा कर निर्मम हत्या की गई थी। कोतवाली पुलिस हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बजरंग चौराहा गंज निवासी 30 वर्षीय दीपक पिता रामचरण राठौर 12 सितम्बर की सुबह अपने कक्ष में फांसी पर झूलता हुआ मिला था। 11 सितम्बर को दीपक घर के दूसरे माले पर बने कमरे में रात को सोने चला गया था। सुबह जब नीचे नहीं आया तो परिजनों ने ऊपर जाकर देखा तो युवक कमरे में लटका मिला था। जिसे तुरंत जिला अस्पताल लाए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। मृतक युवक जिला पंचायत में कम्प्यूटर ऑपरेटर पद पर कार्यरत था। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप कर जांच कार्य शुरु कर दिया था। बताया जाता है कि 12 सितम्बर की देर रात को ही पुलिस ने मृतक दीपक राठौर के छोटे भाई देवेंद्र राठौर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था, पुलिस को घटना स्थल का अवलोकन करते समय ही दाल में काला नजर आ गया था रही सही कसर शव मिलने के बाद देवेंद्र की भूमिका ने पूरी कर दी थी। बताया जाता है कि जब घर के लोगों ने ऊपर जाकर देखा तो हड।कम्प की स्थिति निर्मित हो गई तब देवेन्द्र सोकर उठा और बाहर आया तो उसके हाव भाव सहज नहीं थे, परिजनों और आसपास के लोगों ने भी दबी जुंबा से इस बात को स्पष्ट किया था कि देवेन्द्र अपने बड़े भाई द्वारा दी जाने वाली सीख से नाराज रहता था। इसके अलावा मृतक के सिर पर चोंट के निशान होने के कारण मामला फांसी का नहीं लग रहा था। पुलिस ने जब देवेंद्र को हिरासत में लिया तो पहले तो उसने कुछ बोला नहीं लेकिन बाद में टूट गया। उसने स्वीकार किया कि हत्या उसके द्वारा ही की गई है, आरोपी ने पुलिस को बताया कि मेरे द्वारा कोई काम नहीं किया जाता था जिससे तंग आकर वो बार-बार काम धंधा करने के लिए टोका करते थे। जो मुझे पसंद नहीं आता था उनकी यह बात मुझे खलती थी बस इसी बात से नाराज होकर 11 सितम्बर की रात को जब दीपक ऊपर के माले पर स्थित कमरे में सो रहा था। तब मैं दबे पांव से भीतर गया और अलमारी के समीप रखी पेटी में से साड़ी का फाल निकाल कर उसका गला दबा दिया। तभी उसकी नींद खुल गई। उसने विरोध भी किया जिससे ही पलंग से उसके सिर पर चोंट आ गई। जिसने ही सारा राज खोल दिया। दम घुटने के बाद गले में फाल लिपटा छोड़कर नीचे अपने कमरे में आकर चुपचाप सो गया। सुबह की प्रतीक्षा करता रहा जब परिजनों के आवाज आई तो मैं बाहर आया पर पुलिस की निगाह से बच नहीं सका, पुलिस ने आरोपी देवेंद्र के खिलाफ हत्या का मामला कायम कर लिया है।

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बकतरा में युवक के शव के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

- पुलिस को नहीं लगा कोई सुराग हाथ।

सीहोर। बकतरा में युवक के शव मिलने के मामले में पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। जिसके बाद ही हत्या का मामला कायम होने की संभावना है। इस सनसनीखेज घटनाक्रम के दूसरे दिन पुलिस को महती सुराग हाथ नहीं लग सका है। ज्ञातव्य है कि शाहगंज थाने के तहत ग्राम बकतरा निवासी 40 वर्षीय त्रिलाल उर्फ बिहारी का शव खून से लथपथ अवस्था में गांव के ही यदुवीर पिता चरणसिंह पटेल के घर के सामने ही पड़ा मिला था। मृतक के सिर पर जिस तरह से गंभीर चोट के निशान थे। जिससे यह मामला हत्या का ही लग रहा है। सिर पर गंभीर चोंट के निशान होने के साथ साथ मृतक त्रिलाल उर्फ बिहारी के दाहिनें हाथ पैर भी चोंट के निशान है। फिलहाल पुलिस को मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो पाई। जिसके कारण हत्या का मामला कायम नहीं हो सका है। इसके अलावा पुलिस को मृतक की पहचान के अलावा कोई महती सुराग हाथ नहीं लग सका है। वो आखिर समय में किसके साथ देखा गया। पुलिस उसकी पड़ताल में जुटी हुई है। पुलिस का मानना है कि उसके सामने आते ही सारे मामले का खुलासा होने की संभावना है।

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