-जिला अस्पताल में समय पर इलाज नहीं मिल पाने का लगाया आरोप

फोटो 133 सीहोर। जिला अस्पताल के सामने ने शव रखकर हंगामा करते परिजन।

सीहोर। जिला अस्पताल में एक युवक की मौत हो गई। जहां परिजनों ने जमकर हंगामा गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि जब हम युवक को अस्पताल लाए थे, तो उसकी सांसे चल रही थी, लेकिन डॉक्टर ने कहा कि पहले पर्चा बनवाकर लाओं उसके बाद इलाज करेंगे, जब तक हम पर्चा बनावकर लाए तो युवक की मौत हो गई। इस घटना को लेकर जब हंगामा बढ़ने लगा तो पुलिस मौके पर पहुंची और युवक के परिजनों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।

ग्राम गोकलपुरा निवासी 32 वर्षीय अनीस खां पिता मासूम खां खाखरे का पेड़ काट रहा था। इस दौरान युवक पेड़ से नीचे गिरकर गभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। अलताब खा ने बताया कि डॉक्टर के पास जब हम अनीस को गंभीर स्थिति में ड्यूटी डॉक्टर एके खरे के पास दिखाने पहुंचे तो उनका कहना था कि पहले पर्चा बनवाकर लाओ उसके बाद इलाज करेंगे। जबकि पर्चा बनाने वाला इतने धीरे काम कर रहा था कि जब तक हमारा नंबर आया आधा घंटा बीत गया। जैसे ही हम पर्चा लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे तो युवक को उन्होंने मृत घोषित कर दिया। जब हम युवक को लाए थे तो वह हिचकियां ले रहा था। यदि समय पर उपचार मिल जाता तो उसकी मौत नहीं होती। इस दौरान युवक के परिजनों सहित अन्य मरीजों ने जिला अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर और उपचार में बरती जा रही लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा शुरू कर दिया, जिसके बाद कोतवाली टीआई अजय नायर, पीएसआई अभिनाश भोपले, शैलेंद्र तोमर सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराते हुए शव को पीएम के लिए भेज दिया। जबकि मामले को लेकर ड्यूटी डॉक्टर एके खरे का कहना है कि जब युवक को मेरे पास लेकर आए तो उसकी मौत हो चुकी थी।

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जिला अस्पताल में नहीं दवाइयां, मरिजों को बाहर से लानी पड़ रही

- मरीजों को बाटल के लिए आईबी सेट भी बाहर से लाने पड़ रहे

- रेबिज के इंजेक्शन की बता रहे कमी

फोटो 134 सीहोर। जिला अस्पताल सीहोर।

सीहोर। जिला अस्पताल में व्याप्त कमियों के कारण मरीज परेशान होते रहे हैं। आए दिन अस्पताल में एक नई समस्या खड़ी हो जाती है। वहीं कई समस्याएं तो ऐसी हैं। जिनसे निजाद ही नहीं मिल रही। अस्पताल में आए दिन दवाइयों और उपकरणों की कमी के कारण समस्या खड़ी हो जाती है। कई बार लोगों को बाहर से दवाइयां बाहर से मंगवानी पड़ती हैं। तो कई बार उपकरण।

शुक्रवार को जिला अस्पताल में वाटल चड़ाने के लिए उपयोग में आने वाले आईबी उपलब्ध नहीं थे। जिस भी मरीज को बाटल लगवानी पड़ रही थी वह बाजार से आईबी सेट लेकर आ रहा था। वहीं एक मामला ऐसा भी आया, जब एक व्यक्ति को रेबिज का इंजेक्शन भी बाहर से लेकर आया। वहीं कई बार कई लोगों को अन्य सुविधाएं भी नहीं मिल पाती।

लाना पाड़ा आईबी सेट

जिला अस्पताल के महिला सर्जिकल वार्ड में आरती नाम की एक मरीज भर्ती है। जिसे बाटल लगनी थी, लेकिन जिला अस्पताल में आईबी सेट नहीं था। जिसके चलते उसके परिजनों को आईबी सेट बाहर से लाना पड़ा। मेडिकल स्टोर से आईबी सेट 20 रुपए का मिला।

नहीं मिला रेबिज का इंजेक्शन

गुरुवार को दिनेश मालवीय अपने पुत्र अनुप को कुत्ते ने काट लिया था। वे लगातार इंजेक्शन लगवा रहे थे। तीसरी बार जब वे इंजेक्श लगवाने पहुंचे तो स्टाफ ने इंजेक्शन न होने की बात कही।

सभी दवाइयां उपलब्ध हैं

जिला अस्पताल में सभी तरह की दवाइयां और उपकरण उपलब्ध हैं। यदि ऐसा हुआ है तो मैं जांच करवाता हूं।

डॉ. एए कुरैशी सिविल सर्जन