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अंतरराष्ट्रीय नदी महोत्सव में उठेगा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट व नर्मदा के सीमांकन का मुद्दा

- नाले का गंदा पानी नर्मदा में मिलने का हुआ खुलासा तो नपा अध्यक्ष ने फेसबुक पर दी सफाई

आशीष दीक्षित, होशंगाबाद।

बांद्राभान संगम स्थल पर पांचवा अंतरराष्ट्रीय नदी महोत्सव में नगर पालिका की ओर से भी नदी महोत्सव में दो महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए जाने की तैयारी की गई है। शहर के नालों का गंदे पानी को नर्मदा में मिलने से रोकने के लिए सीवर ट्रीट प्लांट को लगाना और नर्मदा के बढ़ते पाट की चौड़ाई को कम करने के लिए सीमांकन तैयार कराने का मुद्दा महत्वपूर्ण रहेगा। यह पहला मौका है जब नपा की ओर से नदी महोत्सव में मुद्दा उठाने की तैयार की गई है। नगर पालिका अध्यक्ष अखिलेश खंडेलवाल ने नर्मदा को प्रदूषण से बचाने और संरक्षण के लिए यह विषय तैयार कराए हैं। वहीं नदी महोत्सव के एक दिन पहले सोशल मीडिया पर नर्मदा में गंदे नाले का पानी मिलने वाले फोटो वायरल हुए हैं। फोटो वायरल होने के बाद नपा अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर सफाई दी है। मां नर्मदा से माफी मांगते हुए नाले का गेट खोलने का कारण भी बताया है।

इसलिए उठाए जा रहे यह मुद्दे

- सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का फायदा यह है कि शहर के नालों का गंदा पानी सीधे नर्मदा में मिलता है, सीवर ट्रीटमेंट के जरिए गंदा पानी नर्मदा में नहीं मिलेगा। नर्मदा प्रदूषण मुक्त हो सकेगी। इसके लिए डीपीआर तैयार होनी है जिसके बाद टेंडर बुलाए जाएंगे और काम शुरु हो जाएगा।

- नदी के सीमांकन का मुद्दा भी नदी महोत्सव में उठाया जा रहा है इससे यह फायदा होगा कि नर्मदा के बढ़ते पाट की चौड़ाई को कम किया जा सकेगा जिससे पानी गहरा रहेगा। पानी का वाष्पीकरण नहीं होगा, नर्मदा का जलस्तर भी एक लेवल पर बना रहेगा।

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सोशल मीडिया पर वायरल हुए यह फोटो

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कैप्शन। शनिचरा वार्ड नंबर दो का पूरा गंदा पानी इस नाले के माध्यम से पर्यटन घाट के रास्ते नर्मदा में गिर रहा है। नाले से निकलने वाला गंदे पानी के चलते नर्मदा जल काला नजर आने लगा है। यहां पानी आचमन करने लायक भी नहीं है।

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कैप्शन। सेठानीघाट की सीढ़ियों के ऊपर से बह रहा गंदा पानी सीधे नर्मदा में मिल रहा है। इस पानी को रोकने के इंतजाम नहीं है, नर्मदा जयंती महोत्सव के दौरान तो इस पानी को बंद कर दिया गया था, लेकिन अब हालात जस के तस हो गए हैं।

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सिल्ट निकालने के लिए खोला नाले का गेट

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कैप्शन। नपा अध्यक्ष द्वारा एफबी पर दी गई यह सफाई।

वायरल फोटो के संबंध में नपा अध्यक्ष ने एफबी पर एक पोस्ट की है जिसमें लिखा है कि जब अत्याधिक मात्रा में सिल्ट नाले में जमा हो जाती है तो सफाई करने के लिए गेट खोलना पड़ता है। और कुएं की सिल्ट निकालने का काम होता है। प्रदूषण पंप के जरिए सफाई की जाती है। इन दिनों सिल्ट निकालने का काम किया जा रहा है। इसी चलते गेट खोले गए हैं यही कारण है कि पानी नर्मदा में जा रहा है। जल्द ही सिल्ट निकालने का काम पूरा हो जाएगा जिसके बाद नाले का गेट बंद कर दिया जाएगा। नपा अध्यक्ष ने अपनी पोस्ट भी यह भी लिखा है कि मां हमें माफ करें।

अब तक यह हो चुका है

नर्मदा में मिल रहे नालों को रोकने के लिए राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना के तहत ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाना था। इसके लिए 6 करोड़ रुपए का प्रस्ताव पीएचई विभाग ने बनाकर टेंडर जारी किए थे, लेकिन किसी कंपनी ने इसमें भाग नहीं लिया। दूसरी बार जारी हुए टेंडर में जरूर एक कंपनी ने दो करोड; रुपए अधिक का टेंडर डाला था, जिसे शासन ने निरस्त कर दिया था। इस प्लान के तहत शहर में पाइप लाइन के माध्यम से नालों का पानी फिल्टर प्लांट में जाना था।

16 मार्च से शुरु होगा पांचवा अंतरराष्ट्रीय नदी महोत्सव

पांचवा अंतरराष्ट्रीय नदी महोत्सव 16 मार्च से शुरु होने जा रहा है, इस महोत्सवव का समापन 17 मार्च को होगा। देश विदेश से कई विशेषज्ञ इस महोत्सव में शामिल होंगे। बुधवार को प्रशासनिक अमले ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वीआईपी के रुकने के लिए कॉटेज भी बनाने का काम पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए हैं। देहात थाने के साथ सिटी कोतवाली का अमला भी आयोजन स्थल पर तैनात रहेगा।

इनका कहना है

मां नर्मदा के जल में नाले के गंदे पानी को मिलने से रोकने के लिए हम प्रयास कर रहे हैं, नदी महोत्सव में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट व नदियों के सीमांकन का विषय उठाया जाएगा। इन दिनों नालों से सिल्ट निकालने काम किया जा रहा है यह बेहद जरूरी है यदि ऐसा नहीं किया गया तो नाला ओवरफ्लो हो जाएगा।

- अखिलेश खंडेलवाल, नपा अध्यक्ष