रायसेन। पुलिस ने सात वर्षों से फरार चल रहे आरोपी गणेशराम पुत्र रामसिंह पुर्विया निवासी नारदखेड़ा को मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कि या है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

18 मार्च से 27 मार्च तक मनाया जाएगा पिंक सप्ताह

रायसेन। लोकसभा चुनाव में अधिक से अधिक महिला मतदाताओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जिले में स्वीप प्लान के अंतर्गत 18 मार्च से 27 मार्च तक पिंक सप्ताह का आयोजन कि या जा रहा है। पिंक सप्ताह के अंतर्गत महिलाओं को मतदान के लिए जागरूक करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर रंगोली प्रतियोगिता, मतदान कलश यात्रा, मेहंदी प्रतियोगिता, व्यंजन प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक, महिला रैली, मतदाता सखी का चयन, घर-घर दस्तक तथा महिला दौड़ सहित अन्य मतदाता जागरुकता संबंधी गतिविधियां संपादित की जाएगीं। पिंक सप्ताह के अंतर्गत 18 मार्च को रंगोली प्रतियोगिता तथा मतदान कलश यात्रा एवं 19 मार्च को मेंहदी प्रतियोगिता एवं वोटर हेल्पलाइन 1950 के प्रचार-प्रसार के लिए दीवार लेखन कि या जाएगा। इसी प्रकार 20 मार्च को व्यंजन प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक से जागरूकता तथा 23 मार्च को महिला रैली एवं संकल्प तथा मतदाता सखी का चयन कि या जाएगा। पिंक सप्ताह के तहत 26 मार्च को गर्भवती महिलाओं एवं धात्री महिलाओं का चिन्हांकन कि या जाएगा और घर-घर दस्तक देकर मतदान के लिए प्रेरित कि या जाएगा एवं रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराए जाएंगे। पिंक सप्ताह के अंतिम दिन 27 मार्च को महिला दौड़, बैटन रेस तथा बूथ परिक्रमा प्रतियोगिता आयोजित की जाएगीं।

लोकतंत्र में मतदान की अनिवार्यता विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित

रायसेन। जिले में चलाए जा रहे मतदाता जागरूकता अभियान के अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय बेगमगंज में 'लोकतंत्र में मतदान की अनिवार्यता' विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन कि या गया। इसमें अनेक छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। इस भाषण प्रतियोगिता में छात्रा सुरभि विश्वकर्मा ने प्रथम, वीरेन्द्र पाल ने द्वितीय तथा निधि कु शवाह ने तृतीय स्थान प्राप्त कि या। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ ओपी बागड़ी, एनएसएस अधिकारी नीलिमा दुबे, कै म्पस एम्बेसडर वीरेन्द्र सिंह विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।

लोकसभा चुनाव-2019 मुक्त प्रतीकों की संख्या 198 हुई

रायसेन। लोकसभा एवं विधानसभा के निर्वाचन एवं उप निर्वाचन में अभ्यर्थियों को प्रतीकों का आवंटन कि या जाता है। मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनैतिक दलों को उनके लिये आरक्षति प्रतीक आवंटित कि ए जाते है। जबकि रजिस्टर्ड एवं गैर मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों तथा निर्दलीय अभ्यर्थियों को आवंटित करने के लिए आयोग मुक्त प्रतीकों की सूची अधिसूचित करता है। विगत विधानसभा निर्वाचन 2018 में आयोग सेअधिसूचित मुक्त प्रतीकों की संख्या 162 थी। 9 मार्च 2019 को आयोग की अधिसूचना से 'वर्ग में हल जोतता कि सानर' को विलोपित कि या जाकर 37 नए मुक्त प्रतीक अधिसूचित किए गए हैं। इस प्रकार मुक्त प्रतीकों की कु ल संख्या 198 हो चुकी हैं। 37 नए मुक्त प्रतीकों में सेब, गन्ना कि सान, हैलीकॉप्टर, तुरही बजाता आदमी, ब्रेड टोस्टर, सीसीटीवी कै मरा, कम्प्यूटर, कम्प्यूटर माउस, दरवाजे का हैंडल, कान की बालिया?, फु टबॉल, अदरक, लेडी पर्स, हाथ गाड़ी, रेत घड़ी, कटहल, के तली, फु टबॉल खिलाड़ी, कि चन सिंक, लैपटॉप, लूडो, पेन ड्राइव, टी.वी. रिमोट, रोबोट, रबड़ की मुहर, पानी का जहाज, सितार, शटर, सोफा, स्पैनर, स्टम्प्स, स्विच बोर्ड, भाला फेंक, चिमटा, टयूब लाइट, पानी का टैंक एवं सूप सम्मिलित कि ये गये हैं।

ई-पेपर को जारी करने वाले विज्ञापनों का प्रमाणन जरुरी

रायसेन। भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट कि या है कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को अपने स्वयं के सोशल मीडिया एकाउंट, वेबसाइट, ब्लॉग एवं ई-मेल आईडी का उल्लेख नाम-निर्देशन पत्र के साथ प्रस्तुत कि ये जाने वाले शपथ पत्र में अनिर्वाय रुप से करना होगा। भारत निर्वाचन आयोग ने समाचार पत्रों के ई-पेपर पर दिए जाने वाले राजनैतिक विज्ञापनों के बारे में भी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि ई-पेपर पर दिए जाने वाले राजनैतिक विज्ञापन का भी प्री-सर्टिफिके शन संबंधित राजनैतिक दल या उम्मीदवारों को कराना जरुरी होगा।