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    जो व्यापारी नीलामी में भाग नहीं लेते उनके लायसेंस निरस्त होंगे : सचिव

    Published: Thu, 15 Feb 2018 08:36 PM (IST) | Updated: Thu, 15 Feb 2018 08:36 PM (IST)
    By: Editorial Team

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    नोटिस जारी किए बिना व्यापारियों के लायसेंस निरस्त करके बताओ : भार्गव

    - कृषि उपज मंडी में हुई सामान्य सभा की बैठक, मंडी सचिव और व्यापारी प्रतिनिधि के बीच हुई तनातनी

    फोटो 1

    विदिशा। मंडी कार्यालय में आयोजित सामान्य सभा की बैठक में सचिव और व्यापारी प्रतिनिधि के बीच हुई नोकझोंक।

    विदिशा। नवदुनिया प्रतिनिधि

    30 जनवरी को मंडी बोर्ड से चिट्ठी आई है। जो व्यापारी नीलामी में भाग नहीं ले रहे, उनके लायसेंस निरस्त किए जाएं। इसके लिए वर्ष 2016-17 और 17-18 की जांच कराई जाएगी। जिन व्यापारियों ने खरीदी नहीं की, उनके लायसेंस निरस्त किए जाएंगे। यह बात गुरुवार को मंडी समिति की बैठक में मंडी सचिव कमल बगवैया ने कही। सचिव की बात सुनते ही व्यापारी प्रतिनिधि राहुल भार्गव नाराज हो गए। उनका कहना था कि बगैर किसी व्यापारी को नोटिस जारी किए लायसेंस कैसे निरस्त किए जा सकते हैं। पहले उन्हें नोटिस जारी किए जाएं। व्यापारी प्रतिनिधि की बात सुनकर गुस्से से भरे सचिव ने दो टूक कह दिया कि आप मेरे अधिकार और विवेक को चुनौती मत दो। फिलहाल मैं भावांतर में उलझा हूं। डंके की चोट पर कहता हूं यहां से फ्री होते ही कार्यवाही की जाएगी।

    मालूम हो कि गुरुवार को कृषि उपज मंडी कार्यालय में सामान्य सभा की बैठक मंडी अध्यक्ष मिथलेश सम्मरवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें 28 बिंदुओं पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान मंडी अध्यक्ष पूरे समय चुप बैठी रहीं। बैठक के दौरान कई बिंदुओं पर सचिव और व्यापारी प्रतिनिधि के बीच तीखी नोकझोंक हुई। खरीफाटक रेलवे क्र्रासिंग पर बन रहे ओवरब्रिज के तीसरे लेग को मंडी में उतारने को लेकर भी व्यापारी प्रतिनिधि भार्गव ने विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि जब तक व्यापारी नई मंडी में नहीं पहुंच जाते तब तक पुरानी मंडी में न तो तीसरा लेग उतारा जाए और न ही सब्जी मंडी की कार्यवाही की जाए। लेकिन सचिव ने यहां भी व्यापारी प्रतिनिधि को स्पष्ट शब्दो में बता दिया कि शहर विकास जनहित के लिए यह जरूरी है। इसके लिए मुआवजा की मांग जरूर की जाएगी। उन्होंने कहा कि नई मंडी में 24 करोड रूपए खर्च हो चुका है। 25 लाख रुपए व्याज का खर्च हा रहा है। व्यापारियों को हर-हाल में नई मंडी में जाना पड़ेगा। गेहूं की फसल आते ही इस मंडी में ताला डाल दूंगा। हालांकि उनका कहना था कि नई मंडी में व्यापारी को भी बिल्कुल परेशान नहीं होने दिया जाएगा। बैठक में डायरेक्टर नीरज कुशवाह, तुलावट प्रतिनिधि रमेश पाल, राजकुमारी शेरसिंह दांगी और मिश्रीबाई रघुवंशी के प्रतिनिधि के रूप में उनके पुत्र भगवानसिंह मौजूद रहे।

    50 हजार में और कितनी सफाई कराए

    गुरुवार को हुई सामान्य सभा की बैठक में मंडी सचिव के तेवर देखते ही बनते थे। साफ-सफाई नही होने की बात पर उनका कहना था कि 50 हजार रुपए में कितनी सफाई कराऊं। व्यापारी पूरा कचरा दुकानो के सामने फेंक देते हैं। मंडी में साफ-सफाई रहे इस बात का ध्यान व्यापारियों को भी रखना चाहिए। सिर्फ शिकायते करने से कुछ नहीं होता। वह स्वयं दुकान का पूरा कचरा सफाई के बाद बाहर डाल देते हैं। उन्हें सफाई में सहयोग करने की जरूरत है।

    कृषि बाजार में व्यापारी नहीं कर रहे सहयोग

    राष्ट्रीय कृषि बाजार केन्द्र की महत्वपूर्ण योजना है। लेकिन इसमें व्यापारी रूचि नहीं ले रहे हैं। लेकिन जल्दी ही बाहर से ट्रेनर बुलाकर सभी व्यापारियों को ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। कृषि बाजार नीति के तहत विदिशा मंडी का अनाज कहीं का भी व्यापारी खरीद सकेगा। प्रतिस्पर्धा के चलते इससे किसानों को लाभ होगा। कप्प्यूटर पर ऑनलाइन व्यापारी देश भर की मंडियों के भाव भी देख सकेगा। उन्होंने कृषि बाजार में सहयोग करने की बात कही।

    डायरेक्टरों को कुछ नहीं आता, सब मुझे करना पड़ रहा है

    व्यापारी ही नहीं जनता के चुने हुए मंडी डायरेक्टरों को भी सचिव बगवैया ने आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि वर्षों से मंडी समिति की बैठकों में आ रहे हो। लेकिन तुम्हे अपने अधिकारों की जानकारी नहीं है। तुम लोग मंडी के मालिक हो। लेकिन जो काम तुम लोगों को करना चाहिए वह मुझे करना पड़ रहा है। उन्होंने मंडी में कार्यरत कर्मचारियों की भी जमकर क्लास ली। उनका कहना था कि मंडी के कर्मचारियों को भी कानून का ज्ञान नहीं है। इसलिए मैने 5 हजार रुपए की पुस्तके खरीदकर रख दी है। जिससे वह अपना ज्ञान बड़ाए।

    20 हजार की क्षमता, खरीद रहे दो करोड़ का माल

    मंडी सचिव बगवैया ने कहा कि एडजस्ट करने की भी कोई सीमा होती है। व्यापारी की 20 लाख रुपए की क्षमता है और वह 2 करोड़ रुपए का माल खरीद रहा है। जबकि नियमानुसार क्रय क्षमता से ज्यादा माल नहीं खरीद सकता। यह जोखिम मंडी को उठाना पड़ रही है। लेकिन अब व्यापारी क्रय क्षमता से ज्यादा माल नहीं खरीद पाएंगा। उन्हें चिट्ठी दी जाएगी। यदि ज्यादा माल खरीदना है तो व्यापारी की क्रय क्षमता बढ़ाना चाहिए। इस बात पर भी व्यापारी प्रतिनिधि भार्गव और सचिव के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई।

    मंडी में अमावस्या पर बंद होगा अवकाश

    वरिष्ठ कार्यालय से निर्देश मिले हैं कि शासकीय अवकाश के अलावा अन्य कोई अवकाश नहीं रखा जाए। इसमें अमावस्या का अवकाश भी बंद किया जाएगा। सचिव की बात सुनते ही व्यापारी प्रतिनिधि राहुल भार्गव ने इस बात का विरोध किया। उनका कहना था कि अमावस्या का अवकाश तो रहेगा। अमावस्या के दिन नीलामी के लिए कोई व्यापारी तैयार नहीं होगा। हां यदि जरूरी है, तो रविवार को मंडी में नीलामी शुरू कराई जा सकती है। लेकिन सचिव ने यहां पर साफ कर दिया कि हमें हुकुम मिला है। हर हाल में पालन कराया जाएगा।

    मंडी में लागू होगा ड्रेस कोड

    मंडी समिति के कर्मचारी अब निर्धारित ड्रेस में रहेंगे। इसके लिए उन्हें ड्रेस दिलाई जाएगी। सचिव का कहना था कि अभी तक कौन मंडी का कर्मचारी है पता हीं नहीं चलता था। इसलिए निर्णय लिया गया है कि सभी कर्मचारी निर्धारित यूनिफार्म में मंडी आएंगे। ड्रेस कोड सख्ती से लागू किया जाएगा। यदि कर्मचारी निर्धारित ड्रेस में नहीं आएगे तो प्रति दिन 200 रुपए का अर्थदण्ड लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा मिर्जापुर स्थित नई मंडी में 10 नई दुकाने बनाई जाएगी। जिससे भविष्य में मंडी की आय बढ़ जाएगी। इसके अलावा साढ़े चार करोड़ रुपए की लागत से विद्युतीकरण किया जाएगा।इसके अलावा शुद्घ पेयजल के लिए 1 हजार लीटर क्षमता वाला वॉटर यूवी फिल्ट्रेशन प्लांट लगाया जाएगा।

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