आरटीई के तहत रजिस्ट्रेशन की गति धीमी, महज 20 फीसदी सीटों के लिए जमा हुए आवेदन

- नियमों में बदलाव व सर्वर की वजह से अभिभावकों को पंजीयन कराने में हो रही दिक्कत

- इस बार ऑनलाइन लॉटरी के पहले कराना है सत्यापन, हर बार सीट आवंटन के बाद होता था वेरिफिकेशन

फोटो-17एचआरडीएमएवाय 02 हरदा। एमपी ऑनलाइन सेंटर पर आरटीई के तहत अपने बच्चों का पंजीयन कराते अभिभावक

हरदा। नवदुनिया प्रतिनिधि

शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए बच्चों के पंजीयन की गति बहुत धीमी है। 30 अप्रैल से अब तक महज 20 फीसदी सीटों के लिए ही पंजीयन हुए है। जबकि रजिस्ट्रेशन के लिए अब महज 12 दिन शेष है। आरटीई के तहत कमजोर व वंचित वर्ग के बच्चों के प्रवेश के लिए 29 मई तक ऑनलाइन पंजीयन किए जा रहे है। आने वाले 12 दिन में जिले की शेष 80 फीसदी सीटों पर एडमिशन के लिए बच्चों के पंजीयन होना बाकी है। आरटीई के तहत ऑनलाइन आवेदनों की संख्या में खिरकिया ब्लॉक सबसे पीछे है। खिरकिया में 53 स्कूलों की 737 सीटों पर आरटीई के तहत एडमिशन होना है। जबकि अभी तक महज सात फीसदी सीटों के लिए ही पंजीयन हुए है। 93 फीसदी सीटें अभी रिक्त है।

तो वहीं टिमरनी में 62 स्कूलों की 724 सीटों पर आरटीई के तहत एडमिशन होना है। इनमें से अभी तक 16 फीसदी सीटों के लिए ही रजिस्ट्रेशन हुए है। जबकि 84 फीसदी सीटें रिक्त है। हरदा में 99 स्कूलों की 890 सीटों पर आरटीई के तहत एडमिशन होना है। इनमें से अब तक 30 फीसदी सीटों के लिए पंजीयन हो चुके है। जबकि 70 फीसदी सीटें अभी खाली है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आने वाले दिनों में पंजीयन की गति को बढ़ाने के लिए प्रयास करने होंगे। वरना पिछले सत्र की तरह इस बार फिर अधिकांश सीटें रिक्त रह जाएंगी। जिनका लाभ कमजोर व वंचित वर्ग के बच्चों को नहीं मिल पाएगा।

जिले में आरटीई आवेदनों की स्थिति

ब्लॉक-स्कूल आरक्षित सीट- आवेदन

हरदा - 99 - 890 - 269

टिमरनी - 62 - 724 - 114

खिरकिया - 53 - 737 -55

कुल - 214 - 2351 - 465

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नियमों में बदलाव व सर्वर बना मुख्य वजह

आरटीई के तहत धीमी गति से हो रहे पंजीयन के पीछे नियमों में हुए बदलाव व धीमे सर्वर को भी एक मुख्य वजह माना जा रहा है। आरटीई के तहत इस बार आवेदन करने के तुंरत बाद बच्चों के दस्तावेजों का सत्यापन कराना है। तभी पंजीयन मान्य किया जा रहा है। हर बार दस्तावेजों के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से सीट आवंटन होने के बाद होती थी। लेकिन निजी स्कूलों के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए राज्य शिक्षा केंद्र ने इस बार पहले सत्यापन कराने के निर्देश दिए है। ताकि एक बार सीट आवंटन होने के बाद स्कूल संचालक दस्तावेजों में कमी का बहाना बनाकर बच्चों को प्रवेश देने से इंकार न कर सकें। लेकिन सत्यापन में हो रही देरी की वजह से एडमिशन के लिए कम पंजीयन की नई समस्या सामने आ गई है। तो वहीं सर्वर डाउन रहने की वजह से भी पंजीयन नहीं हो पा रहे है। एक फॉर्म को भरने में 15 से 20 मिनिट लगते है। इसी बीच सर्वर डाउन होने से कुछ घंटों के लिए आवेदन फॉर्म अटक जाता है।

आरटीई के तहत यह है आगे की प्रवेश प्रक्रिया

- 29 मई तक पेरेंट्स बच्चों के ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसी बीच आवेदन में कोई गलती होने पर उसे सुधारा जा सकेगा।

- 30 मई तक जनशिक्षा केंद्र व संकुल केंद्र में उपस्थित होकर दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा।

- एक से पांच मई तक सत्यापनकर्ता अधिकारी से सत्यापन प्रपत्र प्राप्त कर बीआरसी उन्हें पोर्टल पर अपलोड करेंगे।

- 12 जून को पोर्टल पर पात्र दर्ज हुए आवेदनों में से रेंडम पद्घति के द्वारा ऑनलाइन लॉटरी से सीट आवंटन होगा।

- 13 से 25 जून तक चयनित बच्चों अशासकीय शालाओं में निशुल्क प्रवेश ले सकेंगे।