किताबें पढ़ने के फायदों के बारे में आपने जरूर सुना होगा। ये आपका ज्ञान बढ़ाती हैं। आप जितना पढ़ो, उतना ही आपको एहसास होता है कि आप कितना कम जानते हैं। यह एहसास आपको विनम्र बनाता है। किताबें पढ़ने से आपमें दूसरों का दृष्टिकोण जानने व समझने की क्षमता विकसित होती है। सच तो यह है कि किताबें पढ़ने के इतने लाभ हैं कि अब कई एक्सपर्ट करियर में बेहतरीन प्रदर्शन कर सफलता पाने के लिए किताबें पढ़ने की सलाह देते हैं। मगर ध्यान रहे, यहां हम औपचारिकतावश, सतही तौर पर किताब पढ़ने की बात नहीं कर रहे। यहां बात हो रही है पूरी तरह डूबकर किताब पढ़ने की।

मस्तिष्क होता है सक्रिय

किताब पढ़ने का सीधा प्रभाव मस्तिष्क पर पड़ता है, यह तो जाहिर-सी बात है। मगर ऐसा नहीं है कि पढ़ते वक्त मस्तिष्क का केवल वह भाग सक्रिय होता है जो भाषा की प्रोसेसिंग से जुड़ा है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि यदि आप डूबकर कोई किताब पढ़ रहे हैं, तो मस्तिष्क के अन्य हिस्से भी क्रियाशील हो जाते हैं। मसलन, यदि आप नॉवेल में किसी किरदार के पहाड़ चढ़ने के बारे में पढ़ रहे हैं, तो आपके मस्तिष्क के वे हिस्से भी सक्रिय हो जाएंगे, जो आपके द्वारा पहाड़ चढ़ते वक्त सक्रिय होते हैं। जब आप पत्तियों की सरसराहट के बारे में पढ़ते हैं, तो आपका मस्तिष्क वैसी ही प्रतिक्रिया देता है, जैसे कि आपने वास्तव में सरसराहट सुनी हो। इसका स्पष्ट मतलब है कि जब हम डूबकर कोई किताब पढ़ते हैं, तो उसे पढ़ते ही नहीं, जीते हैं।

लाभ के लिए जरूरी है डूबकर पढ़ना

यदि आप चाहते हैं कि आपके मस्तिष्क को किताब पढ़ने का पूरा लाभ मिले, तो आपको किताब में पूरी तरह डूब जाना होगा। सतही पढ़ने से बात नहीं बनेगी। आजकल यह जरा मुश्किल हो गया है। जब कुछ-कुछ मिनटों पर स्मार्टफोन पर किसी नोटिफिकेशन की घंटी बज रही हो या कोई कॉल ही आ रहा हो, तो किताब में डूबना संभव नहीं हो पाता। यदि आप अपने कम्प्यूटर पर कोई किताब डाउनलोड करके पढ़ रहे हैं, तो भी यह कठिन होगा। खास तौर पर यदि आपने अपने ब्राउजर में एक से अधिक टैब खोल रखें हों। जब आप ढेर सारे व्यवधानों के बीच किताब पढ़ते हैं, तो मस्तिष्क अलग तरह से प्रतिक्रिया देता है और उसे पूरा लाभ नहीं मिलता।