देश का सबसे बड़ा कमर्शियल बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया हर साल अपनी विभिन्न शाखाओं में नियुक्ति के लिए प्रोबेशनरी ऑफिसर्स (पीओ) का चयन करता है। बैंकिंग में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के बीच इस पद का जबर्दस्त आकर्षण है क्योंकि यहां सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य बैंकों के मुकाबले अध‍िक सैलरी मिलती है और करियर ग्रोथ तथा प्रमोशन के अवसर भी बेहतर होते हैं। आइए जानते हैं इस जॉब के अलग-अलग पहलुओं को।

प्लस पॉइंट्स

बैकिंग में भविष्य बनाने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए एसबीआई पीओ एक 'ड्रीम जॉब" है। इसका कारण है एसबीआई पीओ को मिलने वाले ये लाभ:

वेतन-भत्ते: अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के मुकाबले एसबीआई बेसिक पे में 4 अतिरिक्त इंक्रिमेंट देता है। इस कारण अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य बैंकों के मुकाबले यहां मासिक वेतन अध‍िक मिलता है।

ग्रोथ व प्रमोशन: एसबीआई में जो ग्रोथ अपॉर्च्युनिटीज मिलती हैं, वे बैंकिंग सेक्टर ही नहीं, समूचे पब्लिक सेक्टर में श्रेष्ठ हैं। आप पीओ के रूप में जॉइन करने के बाद चेयरमैन के पद तक पहुंच सकते हैं। गौरतलब है कि बैंक की वर्तमान चेयरपर्सन ने भी 1977 में पीओ के रूप में ही जॉइन किया था। यहां डिपार्टमेंटल एग्जामिनेशन में क्वॉलिफाई करने पर आप 2 साल के भीतर स्केल-1 से प्रमोशन पाकर स्केल-2 में प्रवेश कर सकते हैं। इसके बाद हर 3 साल में आप प्रमोशन पा सकते हैं, बशर्ते आपके पास ग्रामीण व अर्द्ध शहरी इलाकों में काम का पर्याप्त अनुभव हो।

सामाजिक प्रतिष्ठा: यदि आप बैंकिंग सेक्टर में काम करने के इच्छुक हैं, तो एसबीआई में जॉब से जुड़ी सामाजिक प्रतिष्ठा के चलते भी यह श्रेष्ठ है।

सीखने के ढेरों अवसर: एसबीआई बहुत बड़ा संस्थान है और यहां बैंकिंग से जुड़े तमाम पहलुओं के बारे में जानने-सीखने के खूब अवसर मिलते हैं। इस कारण यहां जॉब करना एक दिलचस्प अनुभव होता है।

अतिरिक्त सुविधाएं: वेतन-भत्तों के अलावा एसबीआई के कर्मचारियों को कई अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलती हैं। इनमें बुक ग्रांट, न्यूजपेपर अलाउंस, फोन बिल, कन्वेयंस अलाउंस, ब्रीफकेस अलाउंस, मेडिकल सुविधाएं, एलटीसी/ एलएफसी सुविधाएं, कम ब्याज दर पर लोन आदि शामिल हैं।

माइनस पॉइंट्स

ऐसा नहीं है कि स्टेट बैंक की जॉब में सब कुछ आरामदायक और सुविधाजनक है। यदि यहां बेहतर वेतन और

सुविधाएं मिलती हैं, तो तस्वीर का दूसरा रुख भी है। इसके बारे में जान लेना भी जरूरी है।

काम के अध‍िक घंटे: किसी भी अन्य बैंक के मुकाबले एसबीआई में काम के घंटे अध‍िक होते हैं। ऑफिसर्स के लिए तो आपात स्थितियों में भी जल्दी घर जाना बहुत मुश्किल होता है।

अध‍िक तनाव: एसबीआई में जॉब के साथ तनाव भी जुड़ा हुआ है ही। यह सच है कि ऑफिसर्स को व्यक्तिगत रूप से कोई टारगेट पूरा नहीं करना होता मगर ब्रांच मैनेजर अकेले सारा दबाव नहीं झेल सकता, इसलिए उसके अधीनस्थ ऑफिसर्स को उसका हाथ बंटाना ही होता है।काम के इस दबाव के चलते ऑफिसर्स जीवन का भरपूर आनंद नहीं उठा पाते।

पोस्टिंग हमेशा अच्छी नहीं: सभी बैंकों में एसबीआई की सबसे ज्यादा शाखाएं हैं। यही कारण है कि नव-नियुक्त ऑफिसर्स की पोस्टिंग अक्सर दूरस्थ स्थानों पर होती है। यह भी एसबीआई में जॉब का एक नकारात्मक पक्ष है।

कंफर्मेशन एग्जाम पास करना जरूरी: पीओ के रूप में नियुक्ति के बाद भी बैंकर के रूप में आपका करियर सुरक्षित नहीं है क्योंकि 2 वर्ष बाद आपको कंफर्मेशन एग्जामिनेशन में बैठना होता है। काम की व्यस्तता के बावजूद आपको यह परीक्षा देना जरूरी होता है और कोई नहीं बता सकता कि इस परीक्षा में क्या हो!

पारिवारिक जीवन मुश्किल: काम के अध‍िक घंटों और दबाव के चलते परिवार व मित्रों के साथ समय बिताना बहुत मुश्किल हो जाता है। यह इस जॉब का बहुत बड़ा नकारात्मक पक्ष है।

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तो क्या एसबीआई पीओ बनना फायदे का सौदा है?

सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पक्षों को जानने के बाद यह फैसला किया जा सकता है कि यह जॉब फायदे का सौदा है या घाटे का। दरअसल यह जॉब करने वाले पर निर्भर करता है। ऐसे कई बैंकर होते हैं, जो अपने काम को लेकर बेहद पैशनेट होते हैं। ऐसे युवा भी होते हैं, जो सफलता का आसमान छू लेना चाहते हैं। इन सबके लिए

एसबीआई की जॉब बैंकिंग सेक्टर में सर्वश्रेष्ठ है। यहां तक कि रिजर्व बैंक से भी बेहतर क्योंकि यहां ग्रोथ के अवसर बेहतर हैं। मगर यदि आप आरामदायक फैमिली लाइफ पसंद करते हैं और अपने गृहनगर के आसपास ही पोस्टिंग पाना चाहते हैं, तो शायद यह आपके लिए बहुत अच्छी करियर चॉइस नहीं होगी। बेहतर होगा कि आप अपनी पसंद-नापसंद तथा प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए फैसला लें कि आप एसबीआई पीओ जॉब के लिए प्रयास करें या नहीं।