नई दिल्ली। सरकार ने देश के कुछ चुनिंदा नवोदय विद्यालयों को आर्मी स्कूल की तर्ज पर विकसित करने की बड़ी योजना तैयार की है। पहले दौर में करीब दर्जनभर नवोदय विद्यालयों को इस योजना में शामिल करने का प्रस्ताव है। हालांकि, इनका चयन अभी बाकी है, लेकिन इसके लिए आधार तय कर दिए गए हैं।

इस योजना में उन्हीं विद्यालयों को शामिल किया जाएगा, जिनके पास बड़ा कैंपस होगा। फिलहाल इसके लिए देशभर से प्रस्ताव मांगे गए हैं। माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही ऐसे नवोदय विद्यालयों का चयन कर इसकी घोषणा कर सकती है। सरकार की इस पहल को आर्मी स्कूलों में मिलने वाली अनुशासन की सीख और व्यक्तित्व विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।

हाल ही में नवोदय विद्यालय छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं को लेकर चर्चा में आ गए थे। इसके बाद सरकार ने देश भर के नवोदय विद्यालयों में काउंसलर नियुक्त करने का फैसला किया है। देश में इस समय 600 से ज्यादा नवोदय विद्यालय हैं, जबकि 45 और खोले जाने के प्रस्ताव हैं। इन विद्यालयों में ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले करीब 51 हजार विद्यार्थी हर साल प्रवेश लेते हैं। नवोदय विद्यालय आवासीय विद्यालय होते हैं, जिनमें कक्षा एक से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई होती है।