पूरी दुनिया एक खेल के पीछे पागल हो रही है। ... माफ कीजिए, यह 'कोई भी' खेल नहीं, बल्कि ऑगमेंटेड रिएलिटी बेस्ड गेम पोकेमॉन गो है। इसकी लत किसी संक्रामक रोग की भांति दुनिया भर में फैली है। अब इस खेल की अच्छाइयों-बुराइयों को कुछ देर के लिए एक तरफ रख दें और जरा यह सोचें कि कैसे किसी व्यक्ति में इतनी शक्ति आ जाती है कि वह करोड़ों लोगों को एक दिशा में हांक ले जाए? यही कमाल किया है पोकेमॉन गो के जन्मदाता, निएंटिक लैब्स के सीईओ जॉन हैंक ने। चलिए, अब थोड़ा पीछे जाकर देखते हैं कि इस कमाल की शुरुआत कैसे हुई। जॉन एक साध्ाारण, शर्मीले छात्र थे, जो सपने देखा करते थे और उज्जवल भविष्य के विकल्पों की तलाश में रहते थे। पढ़ाई के सिलसिले में उन्होंने एमबीए की डिग्री ली। यही एक तरह से टर्निंग पॉइंट था।

परफॉर्मिंग आर्टिस्ट्स के लिए बड़े काम की है ये फैलोशिप

जी हां, यह सच है कि पोकेमॉन गो की सफलता के पीछे इसकी अद्भुत टेक्नोलॉजी है मगर इस टेक्नोलॉजी के पीछे जो इनोवेशन और आइडिया था, वह हैंक द्वारा किए गए 2 साल के एमबीए कोर्स से उपजा। 1996 में यह डिग्री लेते हुए हैंक ने दो खास बातें सीखीं: एंटरप्रेन्योर कैसे बनें और एक आइडिया को कैसे बेचें। चलिए, हम भी जानें कि कैसे एमबीए डिग्री ने पोकेमॉन गो की रि‍कॉर्ड-तोड़ कामयाबी में योगदान किया।

एनालिटिकल थिंकिंग

एमबीए डिग्री पाकर आप एनालिटिकल और स्ट्रैटेजिक थिंकिंग में महारत हासिल कर सकते हैं। बिजनेस मैनेजमेंट संबंधी ज्ञान पर आपका अध‍िकार बन जाता है। इससे आपके अंदर टेक्नोलॉजी की पहचान कर उसे विकसित करने और बिजनेस गतिविध‍ियों के लिए उसका उपयोग करने की क्षमता आ जाती है। जॉन हैंक

ने एमबीए करने के बाद पहले तो दो सफल सॉफ्टवेयर कंपनियां शुरू कीं। फिर, अपनी एनालिटिकल थिंकिंग की बदौलत उन्होंने अपनी बिजनेस गतिविध‍ियों में टेक्नोलॉजी का समावेश किया।

मार्केटिंग

किसी भी उत्पाद की मार्केटिंग ही उसकी सफलता पर अंतिम मुहर लगाती है। यहां जरूरत लोगों का मनोविज्ञान समझने की भी होती है। एमबीए की डिग्री आपको लोगों की अवधारणाएं और व्यवहार को समझना सिखाती है। आप यह सीखते हैं कि लोग क्या चाहते हैं और आप उन्हें वह कैसे दे सकते हैं। यह डिग्री आपको सिखाती है कि कैसे किसी आइडिया को लोकप्रिय बनाया जाए। हैंक के पास एक 'रियल वर्ल्ड एप्लिकेशन" विकसित करने का आइडिया था। इसे सफल बनाने के लिए उन्होंने पहले तो अपने बाजार की पहचान की, जोकि जापानी बाजार था, जहां पोकेमॉन की एनिमेटेड सिरीज की शुरुआत हुई थी। फिर उन्होंने अपनी टारगेट ऑडियंस तय की। यह थी 1990 की पीढ़ी, जो पोकेमॉन कार्टून सिरीज की नियमित दर्शक थी।

लीडरशिप

एमबीए डिग्री लीडर्स को जन्म देती है, जो अपनी क्षमताओं के बल पर सफलता पाते हैं। बिजनेस स्कूल में व्यक्ति की स्किल्स को निखारा जाता है और सफलता के बीज बो दिए जाते हैं। उन बीजों में से पौधे का फूटकर वृक्ष बन जाना और फलनाफूलना उस व्यक्ति पर निर्भर करता है। हैंक में यह क्षमता थी कि बिजनेस स्कूल में बोए गए बीजों को उन्होंने एक विराट सफलता रूपी पेड़ में बदल डाला।

कम्यूनिकेशन

अपने आइडिया को शब्दों के रूप में व्यक्त करने का आत्मविश्वास बिजनेस की दुनिया में सबसे बड़ा पेंच होता है। एमबीए डिग्री कर लेने के बाद आप महसूस करते हैं कि आप अपने ग्राहकों, सहयोगियों और बॉस के साथ बेहतर तरीके से संवाद कर सकते हैं। हैंक ने न केवल अपने आइडिया को बयान किया, बल्कि इसे व्यवसायी समुदाय की भाषावली में व्यक्त किया। इससे उनकी टीम यह अच्छी तरह समझ गई कि उससे क्या अपेक्षा की जा रही है।

इनोवेशन

एमबीए में आप सीखते हैं कि वही चीज बिकती है, जो किसी भी रूप में 'हटकर' हो, यूनीक हो। हैंक ने ऑगमेंटेड रिएलिटी के आइडिया को पोकेमॉन गेम के इनोवेशन के साथ मिला दिया।