भारत मसालों का देश हैं। यहां बहुत तरह के मसाले पाए जाते हैं। लेकिन उन मसालों का संबंध सिर्फ स्वाद से ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य से भी है। ऐसा ही एक मसाला है दालचीनी। दालचीनी एक ऐसा मसाला है जो मधुमेह में औषधि का काम करता है। मौजूदा समय में सिर्फ बड़े ही नहीं बल्कि बच्चे भी डायबिटीज के शिकार हो रहे हैं। दालचीनी भारतीय किचन में पाया जाने वाला एक ऐसा मसाला है जो सुगंधित होने के साथ गुणों से भी भरपूर है। दालचीनी सप्लीमेंट लेने से ब्लड शुगर लेवल कम होता है। दालचीनी के नियमित सेवन से न सिर्फ ब्लड शुगर लेवल कम होता है बल्कि इससे दिल के दौरे आने का खतरा भी कम हो जाता है।

अगर हर्ब्स की बात करें तो लोग ब्लड शुगर लेवल कम करने के लिए लहसुन, मैग्नीशियम और कोएंजाइम ऊ10 पर सबसे ज्यादा निर्भर रहते हैं।

क्या है दालचीनी

दालचीनी में कई ऐसे गुण मौजूद होते हैं जो बड़ी-बड़ी बीमारियों के उपचार में काम आ सकती है। इसलिए दालचीनी एक औषधि भी है। यह कैल्शियम और फाइबर का एक बहुत अच्छा स्रोत है। यह शरीर में शुगर का लेवल संतुलित करने के लिए एक प्रभावी औषधि है, इसलिए इसे गरीब आदमी का इंसुलिन भी कहते हैं।

दालचीनी ना सिर्फ खाने का जायका बढ़ाती है, बल्कि यह शरीर में रक्त शर्करा को भी नियंत्रण में रखता है। यदि मधुमेह नहीं है वे इसका सेवन करके मधुमेह से बच सकते हैं।

डायबिटीज के लिए दालचीनी

डायबिटीज रोगी ब्लड शुगर लेवल को कम करने के लिए यदि दालचीनी का सेवन कर रहे हैं तो उसके लिए सही विधि, सामग्री और सावधानी भी जान लें। इसके लिए 1 कप पानी में दालचीनी पाउडर को उबालें फिर छानकर हर सुबह पिएं। इसे कॉफी में भी मिलाकर पी सकते हैं। इसे सेवन करने से मधुमेह में लाभ होगा। दालचीनी बताई गई अल्प मात्रा में लें, इसे अधिक मात्रा में लेने से हानि हो सकती है। रोज तीन ग्राम दालचीनी लेने से न केवल रक्त शर्करा की मात्रा कम होती है और भूख बढ़ती है।