अमेरिका। मुंहासे किशोर और युवा उम्र की बड़ी समस्याओं में शुमार किए जाते हैं। इनके इलाज के लिए कई अलग-अलग एंटीबायोटिक व अन्य दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। एक हालिया शोध में अमेरिका के वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने मुंहासे के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली दवा के एक अहम फायदे का पता लगाया है।

वैज्ञानिकों ने पाया है कि मुंहासे के इलाज में प्रयुक्त होने वाली दवा आइसोट्रेटिनोइन त्वचा के सूक्ष्मजीवों की संरचना में बदलाव कर देती है। यह दवा ऐसे लोगों की त्वचा को काफी हद तक स्वस्थ लोगों की त्वचा जैसा बना देती है।

हालांकि इस दवा के साइड इफेक्ट को देखते हुए चिकित्सकों को इसके प्रयोग में सावधानी बरतनी पड़ती है। वैज्ञानिकों ने कहा कि इस दवा के काम करने के तरीके को आधार बनाकर त्वचा के सूक्ष्मजीवों में बदलाव के लिए इलाज की नई पद्धति तलाशी जा सकती है। यह मुंहासों से मुक्ति का हानिरहित और टिकाऊ इलाज सिद्ध हो सकता है।