काम के दवाब में ज्यादातर महिलाएं स्ट्रेस और हेल्थ से जुड़ी कई समस्याओं से जूझ रही हैं। हालही में हुई एक स्टडी में नई बात सामने आई है। इसके अनुसार काम के भारी दबाव के कारण महिलाओं का वजन तेजी से बढ़ रहा है। स्वीडन में हुई इस स्टडी में शोधकर्ताओं ने 3,800 से अधिक लोग को शामिल किया था।

इस बारे में अध्ययन प्रमुख सोफिया क्लिंगबर्ग ने कहा कि, 'स्टडी के दौरान हमने देखा कि उच्च नौकरी की मांग और तरक्की की इच्छा के चलते महिलाएं काफी दबाव में काम कर रही है जिसके चलते उनका वजन बढ़ रहा है। जबकि, पुरुषों के संदर्भ में अधिक काम, दबाव और तनाव जैसे कारक वजन बढ़ाने का कारण नहीं है। बता दें कि, यह अध्ययन इंटरनेशनल आर्काइव्स ऑफ ऑक्युपेशनल एंड एनवायर्नमेंटल हेल्थ नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ है। यह स्टडी स्वीडिश जनसंख्या और वैस्टरबटन इंटरवेंशन प्रोग्राम पर आधारित था।

अध्ययन के लिए मुख्य रूप से महिलाओं और पुरुषों के शरीर का वजन, काम की डिमांड और दवाब जैसे कारकों को शामिल किया गया था। अध्ययन में 30 से 50 वर्ष और 40 से 60 वर्ष तक के लोगों को शामिल किया गया था। इन लोगों से काम के दबाव और काम की गति से संबंधित सवाल किए गए थे। परिणाम बताते हैं कि, काम के दबाव की वजह से महिलाओं का वजन तेजी से बढ़ा है। ऐसा सिर्फ महिलाओं के साथ ही हुआ है, जबकि पुरुषों के साथ ऐसा नहीं हुआ।

अध्ययन के अनुसार, जब काम की मांग और स्तर की बात आती है तो केवल महिलाएं ही प्रभावित हुईं। महिलाएं भावनात्मक तौर पर कमजोर और अस्थिर होती हैं इसलिए वह वर्क प्रेशर का दबाव महसूस करती हैं। महिलाओं को काम के अनुसार प्रमोशन और सैलरी नहीं मिलती, जबकि उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जाती है। महिलाओं को ऑफिस और परिवार के बीच संतुलन भी बिठाना पड़ता है, जिसके कारण उन्हें काफी स्ट्रेस होता है। क्लिंगबर्ग ने कहा, "ऑफिस और परिवार के स्ट्रेस के बीच फंसी महिलाओं के लिए व्यायाम करने और स्वस्थ जीवन जीने के लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा गलत खानपान की वजह से भी महिलाओं को मोटापे का सामना करना पड़ता है।"