मुंबई। मनी लांड्रिंग मामले में आरोपी विवादित इस्लामिक धर्म प्रचारक जाकिर नाइक की ज्ञात स्त्रोत से कोई आमदनी नहीं है, इसके बावजूद उसने भारतीय बैंक खातों में 49 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जमा कराई है। विशेष अदालत में दाखिल आरोपपत्र में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यह दावा किया है। जाकिर नाइक फिलहाल मलेशिया में रह रहा है। जज एमएस आजमी ने बुधवार को उसके खिलाफ दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लिया।

इसमें ED ने कहा है, 'इस्लामिक धर्म प्रचारक जाकिर नाइक व्याख्यान देने के लिए दुनियाभर में घूमता रहता है, किसी भी ज्ञात रोजगार और कारोबार से उसकी आमदनी का कोई ज्ञात स्त्रोत नहीं है। ऐसी स्थिति में भी वह भारतीय बैंक खातों में 49.20 करोड़ रुपये स्थानांतरित करने में सफल रहा।' ED का कहना है कि इस अपराध में कुल रकम 193.06 करोड़ रुपये है।

जांच एजेंसी के मुताबिक, जाकिर नाइक ने इस रकम का इस्तेमाल अपने करीबी रिश्तेदारों के नाम पर पुणे और मुंबई में प्रॉपर्टी खरीदने में किया। उसने कुछ रकम अपनी कंपनी हार्मनी मीडिया के बैंक खातों में स्थानांतरित की। इस कंपनी पर नाइक का खुद एवं अपने निदेशकों के जरिये सीधा नियंत्रण है। इसके अलावा उसने बाकी धनराशि का इस्तेमाल चेन्नई में एक स्कूल के निर्माण और म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए भी किया।

बता दें कि जांच एजेंसी ने अब तक नाइक के दो सहयोगियों आमिर गजदार और नजामुद्दीन साथक को गिरफ्तार किया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की FIR के आधार पर ED ने 2016 में नाइक के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया था।