मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश से सड़कों पर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। रेलवे ट्रैक और लोगों के घरों में पानी भर गया है। सड़कें तालाब बन गई है। आलम यह है कि हर वक्त दौड़ती रहने वाली मुंबई थम सी गई है।

इस आलम में राज्य के शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने स्कूलों की छुट्टी की घोषणा नहीं की है। तावड़े के इस कदम के बाद अब बवाल शुरू हो चुका है। तावड़े द्वारा छुट्टी घोषित ना करने को लेकर खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि छुट्टी घोषित की जाए लेकिन इसके बावजूद शिक्षा मंत्री ने कहा है कि अगर स्कूल चाहे तो छुट्टी रखें।

तावड़े ने कहा है कि शहर में 11 से 12 जगह पर पानी भरा है और ऐसी जगहों पर स्कूलों के हेडमास्टर अपने एरिया की स्थिति के हिसाब से छुट्टी पर फैसला लें।

वहीं बारिश के कारण वेस्टर्न रेलवे ने वसई और विरार के बीच चलने वाली लोकल को स्थगित कर दिया है वहीं नालासोपारा में अप और डाउन लाइन को रोक दिया गया है।

वेस्टर्न रेलवे के डिविजनल रेलवे मैनेजर ने इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि वसई और विरार के बीच अगली सूचना तक ट्रेने सस्पेंड कर दी गईं हैं वहीं नालासोपारा में भी अप और डाउन लाइन को हॉल्ट किया गया है। इसके अलावा वेस्टर्न सबअर्ब लोकल विरार से चर्चगेट के बीच 10-15 मिनट की देरी से चल रही है।

घरों में घुसा पानी

लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। जहां सड़कें तालाब बन गई है वहीं निचले इलाकों में बने घरों में पानी घुस गया जिसे लोगों ने रातभर निकालते हुए गुजारी। शहर के पालघर, नालासोपारा में नजारा कुछ ऐसा था मानों पानी में शहर बसा हो। सायन पानवेल और चैंबूर में भी सड़कें नदी में तब्दिल हो गईं।

90 ट्रेनें हुईं रद्द

मुंबई में सोमवार को लगातार तीसरे दिन भी मूसलधार वर्षा हुई और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। उपनगरीय रेल सेवा की करीब 90 ट्रेनें रद्द कर दी गईं। कई इलाकों में घुटने तक पानी जमा हो जाने से स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा कर दी गई। सोमवार को परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए छात्रों के लिए मुंबई विश्वविद्यालय नया कार्यक्रम घोषित करेगा।

ठाणे जिले में मोटरसाइकिल पर सह सवार 43 वर्षीय महिला की बस से कुचल कर मौत हो गई। पड़ोसी पालघर जिले में वसई कस्बे में करीब 300 लोगों ने घर छोड़ने से मना कर दिया। इलाके में पानी भर जाने के बाद निवासियों से सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की गई थी। प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए वहां एंबुलेंस तैनात कर दिया है।

मौसम विभाग का कहना कि सोमवार को इस सीजन की सबसे तेज व ज्यादा बारिश हुई। घने बादल छाने से अंधियारा सा छा गया जिससे आवाजाही पर असर पड़ा। कमजोर दृृश्यता के बाद भी विमानों की उड़ानें समय पर हुईं।

कोलाबा में सात इंच

दक्षिण मुंबई की कोलाबा वेधशाला में बीते 24 घंटे में 170.6 मिमी (करीब सात इंच) वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग मुंबई के उपमहानिदेशक केस होसालीकर ने बताया कि यह इस सीजन में 24 घंटे के दौरान सर्वाधिक वर्षा है। सांताक्रूज मौसम केंद्र पर 122 मिमी (करीब पांच इंच) वर्षा दर्ज की गई।

ठहर सी गई मुंबई

पानी भर जाने के कारण कई जगह सड़कों पर जाम लग गया। लोग घुटनों तक पानी में धीरे-धीरे गुजरने के लिए मजबूर हुए। पानी जमा होने और दृश्यता कम हो जाने से वाहनों को भी अत्यंत धीमी गति से गुजरना पड़ा।

मुंबई को यह खुशी भी मिली

मुंबई के लिए सबसे राहत पहुंचाने वाली बात यही है कि तुलसी लेक पूरी तरह से भर गया है। शहर की प्यास बुझाने वाली सात झीलों में यह लेक शामिल है। मुंबई की प्यास बुझाने वाली अन्य छह झीलें विहार, टासना, ऊपरी वैतराना, मध्य वैतराना, मोडक सागर और भात्सा हैं।

अगले 48 घंटों में उत्तर पश्चिम भारत में सक्रियता बढ़ेगी

मौसम विभाग ने कहा है कि तटीय महाराष्ट्र और गोवा पर हमलावर रुख बरकरार रखते हुए मानसूनी वर्षा उत्तर और मध्य भारत में अगले चार-पांच दिनों में और सक्रिय हो सकती है। 13 जुलाई को बंगाल की खाड़ी में न्यून दाब का क्षेत्र उत्पन्न होगा और उसके बाद प्रभावी हो सकता है।