मुंबई। दलित शिक्षाविद् आनंद तेलतुंबडे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते हुए शिवसेना ने बुधवार को यलगार परिषद से जुड़े लोगों की तुलना आतंकी संगठन अलकायदा से की। मुखपत्र 'सामना' में शिवसेना ने कहा कि पुलिस, प्रशासन और कानून-व्यवस्था पर लगातार हमले; राज्य सरकार पर संदेश व्यक्त करना और लोगों का मनोबल गिराना आदि आतंकी संगठन अलकायदा की रणनीति है।

पार्टी ने कहा, 'यलगार परिषद के समर्थकों की भी यही रणनीति है।' शिवसेना ने कहा कि दलित नेता प्रकाश आंबेडकर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को आतंकी संगठन करार दिया, जबकि यह चरमपंथी राष्ट्रवादी संगठन है। पार्टी ने कहा, 'भीमा-कोरेगांव दंगों में जहां दलितों पर हमले किए गए थे; ने साफ तौर पर समाज में विभाजन कर दिया है।

विद्रोह के बीज बोना, उसी तरह के साहित्य का सृजन और उसका प्रसार और इन गतिविधियों के लिए धन जुटाना ही माओवादी बुद्धिजीवियों का वास्तविक कार्य है। अलकायदा और यलगार परिषद से जुड़े बुद्धिजीवियों के कार्य करने का तरीका एक ही है।'

जमानत के लिए हाई कोर्ट पहुंचीं सुधा भारद्वाज

यलगार परिषद से संबंध रखने में गिरफ्तार वकील सुधा भारद्वाज ने जमानत के लिए बांबे हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में उन्होंने पुणे अदालत के फैसले को चुनौती दी है। पुणे अदालत ने पिछले साल अक्टूबर में उनकी जमानत याचिका ठुकरा दी थी। याचिका पर विस्तृत सुनवाई 18 फरवरी को होगी।