पुणे। चोरी, लूट की 20 से ज्यादा वारदात करने वाले दो शख्स को महाराष्ट्र के पुणे में सत्संग सुनते हुए पकड़े गए। ये दोनों चोर अपनी चोरी की प्लानिंग सत्संग सुनने के दौरान कर लेते थे। दोनों सुबह सत्संग सुनकर बड़ी चोरी को अंजाम दिया करते थे। इनकी पहचान 21 साल के सागर दत्तात्रेय भालेराव और 24 साल के स्वप्निल नामदेव गिरमे के रूप में हुई है जो कि देवाची अलंदी में सत्संग सुनने आते थे। वे घरों में लूट, वाहन चोरी और डकैती जैसे 20 मामलों में दोषी रहे हैं।

पुलिस के मुताबिक उनके माता-पिता ने उन्हें देवाची अलंदी में सत्संग के लिए भेजना शुरू किया था। यह वह जगह है जहां संत ध्यानेश्वर की समाधि है। उनका मानना था कि यहां जाकर उन दोनों पर कुछ सकारात्मक असर होगा। दोनों पिछले दो महीनों से इस सेंटर में रह रहे थे और सुबह व शाम कुछ समय सत्संग में शामिल होते थे। हालांकि बाकी समय वे किराने के सामान खरीदने के लिए सेंटर से बाहर निकलते थे।

जब जनवरी महीने में हडपसर में घरों में चोरी की घटनाएं बढ़ने लगी तब भी सेंटर में रहकर दोनों पुलिस से बचे हुए थे। हालांकि खबर मिलने पर, हडपसर पुलिस स्टेशन के सब इंस्पेक्टर मंगेश भांगे और हवलदार नितिन मुंडे ने दोनों को पकड़ लिया जब वे मंत्री मार्केट में अपने चुराए हुए गहने बेचने आए। पुलिस ने लूट का सामान जब्त कर लिया और पूछताछ में दोनों ने अपनी चोरियों की वारदात स्वीकारी।

उनके पास से 131 ग्राम सोना, 5 बाइक, 10 मोबाइल, 2 एलसीडी टीवी, 1 कैमरा और 26 हजार रुपए कैश जब्त किया है। उनके पास 11,00,000 रुपए के सामान बरामद हुए। दोनों आरोपी को फिल्म देखकर चोरी करने का आइडिया आया था। पुलिस को दोनों आरोपियों की गतिविधियों पर शक हुआ था, क्योंकि यह दोनों शातिर अपराधी हैं। और दोनों के खिलाफ पहले भी चोरी के अपराध दर्ज हैं। पुलिस को जब पता चला कि दोनों अलंदी में सत्संग में शामिल हो गए हैं, तो पुलिस को शक हुआ था।