नई दिल्ली। चलती ट्रेन में चढ़ने के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से लोगों को बचाने के लिए रेलवे एक नए दृश्य संकेतक का प्रयोग करने जा रहा है। नीली बत्ती वाले इस संकेतक को पायलट परियोजना के आधार पर फिलहाल सिर्फ एक ईएमयू (मुंबई लोकल) में लगाया गया है। चूंकि इसे गार्ड के स्टार्टिंग सर्किट से जोड़ा गया है, ऐसे में जैसे ही ट्रेन हिलेगी वैसे ही यह चमक उठेगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ट्रेन चलने को तैयार है और यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास नहीं करें।

एक अधिकारी ने बताया कि मेट्रो ट्रेन और वातानुकूलित ईएमयू में इलेक्ट्रानिक दरवाजे होते हैं। ऐसे में वहां पर चढ़ने के दौरान गिरकर दुर्घटना होने की संभावना न के बराबर होती है। चूंकि सामान्य ईएमयू ट्रेनों में उस तरह के दरवाजे नहीं होते हैं ऐसे में इनमें नीली बत्ती वाले दृश्य संकेतक (ब्लू लाइट इंडिकेटर) की सुविधा देने की कोशिश की जा रही है।फिलहाल परियोजना को पायलट आधार पर शुरू किया गया है, लेकिन जल्द ही इस दृश्य संकेतक को अन्य मुंबई लोकल ट्रेनों और रैक पर स्थापित किया जाएगा।

बता दें कि यह निर्णय रेल मंत्री पीयूष गोयल द्वारा जताई गई उस चिंता के बाद लिया गया है, जिसमें उन्होंने ट्रेनों से गिरकर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के निर्देश दिए थे। लोकल ट्रेनों को मुंबई की जीवन रेखा माना जाता है। रिपोर्टों के अनुसार लगभग 75 लाख यात्री दैनिक आधार पर मुंबई की लोकल ट्रेनों में सफर करते हैं। 2016-17 में लगभग 264 करोड़ यात्रियों ने स्थानीय ट्रेनों में यात्रा की। 150 साल पुरानी मुंबई लोकल का नेटवर्क 427.5किमी. तक फैला है। मुंबई लोकल को सेंट्रल और पश्चिमी रेलवे चलाते हैं।