पणजी। मनोहर पर्रीकर की पहचान एक राष्ट्रवादी नेता के रूप में होती थी। एक साधारण परिवार में जन्म लेकर पर्रीकर ने शिक्षा और राजनीति दोनों क्षेत्रों में ऊंचाइयों को छुआ था। आइए एक नजर डालते हैं उनके निजी जीवन और उनकी उपलभ्धियों पर।

गोवा के मापुसा में हुआ था जन्म

साल 2000 में उनकी पत्नी का कैंसर से निधन हो गया था। लिहाजा परिवार की जिम्मेदारी को भी उन्होंने काफी संजिदगी के साथ निभाया। मनोहर पर्रीकर का जन्म 13 दिसम्बर 1955 को गोवा के मापुसा में हुआ था। उनका पूरा नाम मनोहर गोपाल कृष्ण प्रभु पर्रीकर था। उनके पिता का नाम गोपाल कृष्ण पर्रीकर और माता का नाम राधा बाई पर्रीकर था। मनोहर पर्रीकर की पत्नी का नाम मेधा पर्रीकर था।

उन्होंने 1978 में आईआईटी मुंबई से ग्रेजुएट किया था। परिवार में उनके दो बेटे हैं जिनका नाम अभिजीत पर्रीकर और उत्पल पर्रीकर है। मनोहर पर्रीकर के दोनों बेटे राजनीति से दूर हैं। उत्पल बतौर एक इंजीनियर के रूप में कार्य कर रहे हैं, जबकि अभिजीत कारोबार की दुनिया में व्यस्त हैं।

साधारण जीवनशैली थी उनकी पहचान

गोवा की राजनीति के शिखरपुरूष रहने के बावजूद उनका जीवन काफी सादगीभरा था। वह अक्सर विधानसभा में खुद का स्कूटर चलाकर जाया करते थे। सीएम बनने के बावजूद उन्होंने अपना पुराना घर नहीं छोड़ा और विशाल सीएम हाउस में रहने के लिए नहीं गए थे।


सीएम रहते हुए वह अपने निजी काम के लिए ऑटो से जाते थे। मनोहर पर्रीकर ने अपने बेटे की शादी साधारण तरीके से कम्यूनिटी हाल में की थी। सीएम बनने के बाद भी वह पणजी मे एक सामान्य दुकान पर अक्सर चाय पीने जाते थे और वहां स्टूल पर बैठकर चाय पीते थे।


साल 2001 में उन्होंने एक अहम फैसला किया और गोवा के ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों को विद्या भारती में बदल दिया था। पर्रिकर के इस फैसले की आलोचना की गई थी, लेकिन संघ की पाठशाला से निकले पर्रीकर अपने फैसले पर अडिग रहे। विद्या भारती आरएसएस की एक शिक्षा शाखा है।

राष्ट्रवाद पर देते थे बेबाक बयान

असहिष्णुता पर की गई टिप्पणी पर भी उनके तेवर काफी सख्त थे और उन्होंने कहा था कि अगर भारत में किसी को रहना है, तो उसे देश की राष्ट्रीयता का सम्मान करना चाहिए।

जो व्यक्ति देश के खिलाफ बोलते हैं, उसको सबक सिखाना चाहिए। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया था। भारत के रक्षा मंत्री रहते हुए पर्रिकर ने पाकिस्तान पर एक बड़ा बयान दिया था और पाकिस्तान को नरक बताया था।