पणजी। गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रीकर का रविवार को निधन हो गया। पैंक्रियाटिक कैंसर से पिछले एक साल से जूझ रहे 63 वर्षीय पर्रीकर ने रविवार शाम को अंतिम सांस ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने पर्रीकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

केंद्र सरकार ने 18 मार्च को एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा। मनोहर पर्रीकर का जन्म 13 दिसंबर 1955 को मापुसा के एक मध्यवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम गोपालकृष्ण और मां का नाम राधाबाई था।

पर्रीकर के सम्मान के प्रतीक के रूप में, 7 दिन राज्य शोक पूरे गोवा में 18 मार्च से 24 मार्च तक मनाया जाएगा। इस अवधि के दौरान, राष्ट्रीय ध्वज गोवा के सभी भवनों पर आधा झुका रहेगा और यहां इस दौरान कोई आधिकारिक मनोरंजन नहीं होगा।

गोवा के सीएम, राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों, स्थानीय-स्वायत्त निकायों, सार्वजनिक उपक्रमों, अनुदानित संस्थानों सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों में दिवंगत आत्मा के सम्मान के लिए 18 मार्च को बंद रहेगा।

इनका पूरा नाम मनोहर गोपालकृष्ण प्रभु पर्रीकर था। पर्रीकर के एक और भाई अवधूत पर्रीकर भी हैं। उनके दो बेटे हैं। उनकी पत्नी मेधा पर्रीकर की भी मौत कैंसर से ही हो चुकी है। रक्षा मंत्रालय ने भी पूर्व रक्षा मंत्री रहे मनोहर पर्रिकर के निधन पर शोक जताया। गौरतलब है कि पर्रीकर 2014 से 2017 तक देश के रक्षा मंत्री रहे थे।

इससे पहले गोवा में डिप्टी स्पीकर माइकल लोबो ने पर्रीकर की तबीयत खराब होने की जानकारी दी थी और कहा था कि उनकी सेहत में सुधार की कोई उम्मीद नहीं है।

गौरतलब है सीएम पर्रीकर पिछले कुछ समय अग्नाशय के कैंसर से पीड़ित थे और इसके ईलाज के लिए वह अमेरिका भी गए थे। सीएम पर्रीकर गंभीर रूप से बीमार होने के बावजूद ऑफिस का काम करते रहे और कई मौकों पर सार्वजनिक जगहों पर भी नजर आए।

पिछले साल 15 सितंबर को उन्हें नई दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद पर्रीकर 14 अक्टूबर को गोवा लौट आए थे। उन्होंने 29 जनवरी को गोवा के बजट सत्र में भाग लेने के साथ ही अगले दिन राज्य का बजट भी पेश किया। सत्र के अंतिम दिन 31 जनवरी को उन्हें दिल्ली के एम्स में ले जाया गया था। वह पांच फरवरी को गोवा लौट आए।

2000 में पहली बार गोवा के सीएम बने

मनोहर पर्रीकर 2000 में पहली बार गोवा के मुख्यमंत्री बने थे। वह बिजनेस सलाहकार समिति के सदस्य भी रहे। साल 2014 में वे देश के रक्षा मंत्री बने थे। उत्तर प्रदेश से वह राज्यसभा के लिए चुनकर आए थे। बाद में रक्षामंत्री पद से इस्तीफा देकर 2017 में फिर से गोवा के मुख्यमंत्री बने थे।

सादगी पसंद थे

आधी बांह के ट्रेडमार्क शर्ट-पैंट, चश्मे और साधारण घड़ी में नजर आनेवाले पर्रीकर अपनी सादगी से देशभर में लोकप्रिय थे। मुख्यमंत्री होने के बावजूद वह अपने साथ किसी तरह का तामझाम नहीं रखते थे। वह अक्सर दोपहिया वाहनों से भी मुख्यमंत्री कार्यालय के लिए निकल जाया करते थे।