मुंबई। मुंबई पुलिस ने ऐसा काम किया है जिससे उनकी सराहना हर जगह हो रही है। उन्होंने एक बेघर बुजुर्ग महिला को आसरा दिलाकर सबका दिल जीत लिया। साकीनाका पुलिस स्टेशन ने 65 साल की लता परदेशी के लिए जो किया वह वाकई तारीफ के काबिल है। बुधवार को साकीनाका पुलिस स्टेशन में पुलिस उप निरीक्षक भालेराव ड्यूटी पर तैनात थे और लोगों की शिकायतें सुन रहे थे। तभी एक बुजुर्ग महिला लता परदेशी अपनी शिकायत लेकर आई। लता की किसी से कोई शिकायत नहीं थी लेकिन वह इस आशा से पुलिस स्टेशन पहुंची थी कि उनकी पुलिस मदद कर सकती है।

लता ने बताया घर का काम करती थी और साकीनाका के एक नर्सिंग होम के पास झोपड़े में रहती थी। लता दूसरों के घरों में साफ-सफाई का काम कर जीवन बिताती थी। उनका मुंबई में कोई नहीं है। उनके पति और बेटे की सालों पहले मौत हो गई थी। कोई सगा संबंधी नहीं है। उनकी बहू जरूर थी लेकिन उसने अपने साथ रखने के लिए मना कर दिया था। अब जहां वह रहती थी कुछ दिनों पहले नर्सिंग होम के पास फुटपाथ पर बना झोपड़ा बीएमसी ने तोड़ दिया जिसके बाद से वह बेघर हो गयी।

भालेराव ने वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अविनाश धर्माधिकारी को इसकी जानकारी दी। धर्माधिकारी ने इस महिला की हर संभव मदद करने का निर्देश दिया। भालेराव सहित साकीनाका के लगभग 250 पुलिसकर्मियों ने मिलकर 25 हजार रुपए इकट्ठा कर लता को दिया। यही नहीं कर्जत स्थित वृद्धाश्रम का पता लगाया और इसके बाद लता को महिला पुलिसकर्मियों के साथ सुरक्षित वृद्धाश्रम में भेज दिया गया।