मुंबई। आपका क्या हाल हो अगर आपने करोड़ो का घर खरीदा हो लेकिन उसकी दीवारें ही खोखली हो। न्यू कफ परेज में वडाला में लोढ़ा ग्रुप के आलीशान रेसीडेंसी कॉम्प्लेक्स में शिल्पी थार्ड ने 3 करोड़ से ज्यादा का फ्लैट खरीदा लेकिन इस अपार्टमेंट की सच्चाई सामने आई तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

शिल्पी ने एक यूट्यब वीडियो पोस्ट किया जिसमें दिखाया गया था कि उसके घर की दीवारों में एक मुक्का मारकर दरार लाना कितना आसान था, ऐसा लग रहा था कि जैसे ये कार्डबोर्ड से बने हों। इस घर की जांच एक थर्ड पार्टी आर्किटेक्ट से करवाई तब पता चला कि दीवारों का निर्माण जिप्सम बोर्ड से किया गया था, जिसे ड्राईवॉल या प्लास्टरबोर्ड भी कहा जाता है।

उसने पिछले साल फरवरी में अपने घर का पजेशन लिया था। और पहले से ही अपार्टमेंट खराब स्थिति में था। वीडियो वायरल हुआ तो लोढ़ा ग्रुप ने दावा किया कि यह झूठ था।

शिल्पी के मुताबिक, "मुझे वीडियो को हटाने के लिए डेवलपर से नोटिस मिला। हमने एक-दूसरे के बगल में दो फ्लैट खरीदे। मेरी बड़ी चिंता जिप्सम की दीवारों को लेकर है। जब मैंने इसे बजाया, तो यह खोखली लग रही थी, और जब मैंने इस पर जोर से मारा तो यह टूट गई। क्या यह दीवार मेरी अलमारियों को सपोर्ट करेगी?'

शिल्पी ने कहा कि मेरे घर के अंगर ड्रेनेज पाइप चल रहा है। जब मैंने इसे आर्किटेक्ट से जांच करवाई तो उसने बताया कि दीवारों में ड्यूरेबिलिटी की कमी है और पानी रिसने की आशंका है। मैं यहां कैसे रहूंगी? शिल्पी ने यह भी कहा कि उसने मुंबई पुलिस आयुक्त को भी लिखा है और डेवलपर के खिलाफ एफआईआर की मांग की है।

उनके दोस्त और एक्टिविस्ट कृष्णराज राव ने मिड डे को एक लाइव डेमो दिया कि किस तरह से दीवारें कमजोर हैं। आर्किटेक्ट की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है 'बिल्डिंग अभी भी अधूरी है, उन्हें ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट कैसे मिल सकता है? एक्सटर्नल डक्ट की बजाए, घर के अंदर ड्रेनेज पाइप्स हैं। क्या हो अगर इन पाइप में कुछ समस्या आ जाए।' रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इस बिल्डिंह में कई अन्य उल्लंघन भी हैं।

शिल्पी ही केवल इस फ्लैट से नाखुश नहीं है। मिड डे ने जब यहां विजिट किया तो कईयों ने अधूरे वादों और दो साल की देरी के पजेशन को लेकर शिकायत की।