रांची। माओवादियों का सेंट्रल कमेटी सदस्य सुधाकर रेड्डी उर्फ सुधाकरण ने अपनी नक्सली पत्नी नीलिमा रेड्डी उर्फ माधवी के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है।

इस नक्सली दंपती ने तेलंगाना में आत्मसमर्पण किया है। इनके साथ आठ अन्य नक्सलियों के हथियार डालने की सूचना है। सुधाकरण तेलंगाना के ही अदिलाबाद का रहने वाला है।

उस पर झारखंड सरकार ने जहां एक करोड़ रुपये का इनाम रखा था, वहीं तेलंगाना में उसपर 25 लाख रुपये का इनाम था। उसकी पत्नी नीलिमा तेलंगाना के वारंगल की रहने वाली है।

उस पर झारखंड सरकार ने 25 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। आत्मसमर्पण की सूचना झारखंड पुलिस के अधिकारियों तक पहुंची है।

यहां के अधिकारी सुधाकरण व उसकी पत्नी के आत्मसमर्पण की बात स्वीकारते हैं, लेकिन फिलहाल इसकी पुष्टि से बच रहे हैं। झारखंड पुलिस तेलंगाना पुलिस के संपर्क में है और जानकारी एकत्रित कर रही है।

सूचना है कि सुधाकरण पिछले दो वर्षों से तेलंगाना के एक मंत्री के संपर्क में था। उसने उसी मंत्री के सहयोग से वहां आत्मसमर्पण किया है।

खास बात यह है कि तेलंगाना पुलिस आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को जेल नहीं भेजती है और उक्त नक्सली पर दर्ज मामलों को वापस ले लेती है। इसी लाभ को देखते हुए अपनी बीमार पत्नी नीलिमा के कहने पर सुधाकरण ने तेलंगाना में आत्मसमर्पण कर दिया।

झारखंड पुलिस ने ली राहत की सांस

नक्सली सुधाकरण के आत्मसमर्पण के बाद झारखंड पुलिस ने राहत की सांस ली है। झारखंड में नक्सलियों के विरुद्ध चल रहे अभियान के कारण अब तक छोटे नक्सली बैकफुट पर आ गए थे, अब शीर्ष नक्सली भी झारखंड छोड़ने लगे हैं।

पूर्व में बूढ़ा पहाड़ पर सेंट्रल कमेटी सदस्य अरविंद जी की मौत के बाद उक्त क्षेत्र की कमान सुधाकरण के पास ही थी। सुधाकरण की किसी बड़े मामले में सीधी भूमिका तो नहीं होती थी, लेकिन वह माओवादियों का थिंक टैक था। फंड इकट्ठा करने की जिम्मेदारी उसी की थी।