प्रयागराज। प्रयागराज में इंडियन चर्च ट्रस्टीज, डायसिस ऑफ लखनऊ के अधीन आने वाली 100 अरब की जमीन को साजिश के तहत बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज के जरिए सिविल लाइंस की सौ अरब की जमीन दूसरे संस्थानों में फर्जी तरीके से ट्रांसफर कर बेची गई है।

इस मामले में बिशप डायोसिस आफ लखनऊ, मेट्रोपोलियन चर्च ऑफ इंडिया जॉन अगेस्ट्रीन ने सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। अरबों की संपत्ति हेरफेर के मामले में बिशप समेत 16 बड़े पदाधिकारियों को नामजद किया गया है। इन संस्थाओं की संपत्तियों को लेकर पहले भी मुकदमे दर्ज होते रहे हैं। इस बार राजाजीपुरम, लखनऊ के रहने वाले बिशप जॉन अगेस्ट्रीन ने सिविल लाइंस थाने में जो मुकदमा दर्ज कराया है, उसमें कई अज्ञात भी हैं।

नामजद किए गए 16 बड़े पदाधिकारियों में पीसी सिंह, पीपी मरांडी, पीके समन्तोराय, एल्वान मसीह, जयंत अग्रवाल, पाल दुपहरे पीपी हाविल, बिशप पीटर बलदेव, सुरेश जैकब, राजीव चंद्र, एआर स्टीफन, एचआर मल, मार्विन मैसी, प्रेम मैसी, अशोक विश्र्वास, प्रबल दत्ता, शशि प्रकाश हैं। सभी पर आरोप है कि फर्जी सोसाइटी, एसोसिएशन बनाकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए डायसिस आफ लखनऊ की प्रयागराज स्थित 25 महात्मा गांधी मार्ग, सिविल लाइंस की अरबों की संपत्ति का बंदरबांट किया।

आला अफसरों के निर्देश पर सिविल लाइंस पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर जांच कर रही है। मुख्यमंत्री, डीजीपी से मिले बिशप मुकदमा दर्ज कराने वाले बिशप जॉन अगेस्ट्रीन ने मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डीजीपी ओपी सिंह से मुलाकात कर दस्तावेज सौंपे। जांच के बाद सिविल लाइंस थाने में गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ। जॉन अगेस्ट्रीन का कहना है कि सौ अरब की जमीन तो महज प्रयागराज में बेची गई। देशभर में अरबों की संपत्ति हड़पी गई है। उनका आरोप है कि फर्जी सोसाइटी, ट्रस्ट बनाकर यह देश का सबसे बड़ा घोटाला है।