मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर में पांच और बच्चों की मौत के साथ चमकी बुखार से मरने वालों का आंकड़ा 125 पर पहुंच गया है। इससे पहले मुजफ्फरपुर में एईएस से 2012 में 120 बच्चों की मौत हुई थी। इस तरह से अभी तक विभिन्न अस्पतालों में 473 बच्चों को भर्ती कराया जा चुका है। 2012 में 336 को भर्ती कराया गया था। इधर, अस्पतालों में पीड़ितों के आने का सिलसिला भी थम नहीं रहा है। एसकेएमसीएच में 22 से ज्यादा नए मरीजों को भर्ती किया गया है। जबकि, आठ बच्चे केजरीवाल अस्पताल में लाए गए हैं। इससे पहले मंगलवार को चार बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि 39 पीड़ितों को भर्ती कराया गया था।

2012 में एईएस ने लिया था भयावह रूप

2012 में एईएस बीमारी ने भयावह रूप ले लिया था। उस वक्त तीन सौ से अधिक बच्चे बीमार हुए थे। इनमें से 120 की मौत हो गई थी। एक साथ इतनी मौत ने सरकार को बेचैन कर दिया था। अगले दो वर्षो में मौत का सिलसिला कुछ थमा। मगर, संख्या फिर भी डराने वाली रही।


राजस्थान में भी जारी हुआ अलर्ट

बिहार में जानलेवा बने एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) बुखार को लेकर राजस्थान में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग व सरकारी और निजी अस्पतालों को इस बुखार से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।