श्रीनगर। कश्मीर में बीते सप्ताह हुए हिमपात से दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में 15 लाख सेब के पेड़ बर्बाद हुए हैं। राज्यपाल के सलाहकार खुर्शीद अहमद गनई के दौरे के दौरान संबंधित अधिकारियों ने गुरुवार को शुरुआती रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी। करीब 20 हजार हेक्टेयर में फैले बागों में से छह हजार हेक्टयेर बागों पर बर्फ की सफेद चादर तबाही बनकर छाई है।

ऐसे में सरकार की ओर से नुकसान का जायजा लेकर प्रभावितों को पर्याप्त मुआवजा प्रदान करने के लिए केंद्र को सर्वे करने के लिए विशेषज्ञ दल भेजने का आग्रह किया गया है। कश्मीर में तीन नवंबर से तीन दिन तक बारिश और हिमपात का दौर चला था। इसमें वादी में बिजली-पानी की आपूर्तिं के प्रभावित होने के अलावा कई जगह सड़क संपर्क कट गया था। वहीं, खेतों में खड़ी फसल और बाग तबाह हो गए।

कई मकान भी हिमपात ने गिरा दिए। सरकारी एजेंसियों ने शुरुआती रिपोर्ट में हिमपात से 500 करोड़ का नुकसान होने का दावा किया है। दक्षिण कश्मीर में उत्तरी और मध्य कश्मीर की अपेक्षा ज्यादा नुक्सान हुआ है। राज्यपाल सत्यपाल मलिक के निर्देशानुसार उनके सलाहकार खुर्शीद अहमद गनई ने हिमपात से हुए नुकसान की भरपाई के लिए किए जा रहे प्रयासों का जायजा लेने के लिए घाटी का दौरा शुरू किया है।

उन्होंने दौरे की शुरुआत दक्षिण कश्मीर के जिला अनंतनाग से की। उन्होंने डाक बंगला, खन्नाबल, अनंतनाग में जिला प्रशासन के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की जानकारी ली। जिला उपायुक्त अनंतनाग मुहम्मद यूनिस मलिक ने बताया कि बागवानी के दायरे में 20 हजार हेक्टेयर जमीन में से छह हजार हेक्टयर में फैले बाग प्रभावित हुए हैं। 15 लाख सेब के पेड़ क्षतिग्रस्त हुए हैं।

हिमपात से 21 कधो आवासीय मकान और 71 पक्के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिला उपायुक्त ने बताया कि जिले में आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि पूरे जिले में शत प्रतिशत सड़क संपर्क बहाल है, पुजटेंग से जवाहर सुरंग तक राष्ट्रीय राजमार्ग समेत सभी सड़कों को साफ कर दिया है।

सभी स्वास्थ्य संस्थान सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। अस्पतालों में हीटिग सिस्टम कार्यान्वित किए गए हैं। हिमपात से प्रभावित 32 रिसिविग स्टेशनों में से 25 रिसिविग स्टेशनों में 80 प्रतिशत बिजली आपूर्तिं बहाल की गई है। शुक्रवार तक बिजली आपूर्तिं पूरी तरह बहाल कर ली जाएगी।

सलाहकार ने बागवानी निदेशक और मुख्य बागवानी अधिकारी को भविष्य में फल असर क्षमता और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पेड़ के आयु कारकों सहित नुकसान का आकलन करने के लिए वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को तैनात करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने एसई पीडीडी को भी कल सकारात्मक रूप से जिले में बिजली बहाल करने के निर्देश दिए।

जिले में 71 लाख से ज्यादा फलदार पेड़ : जिला उपायुक्त अनंतनाग मोहम्मद युनिस ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि जिले में 71 लाख से ज्यादा फलदार पेड़ हैं और हमारा आकलन प्राथमिक है। यह नुकसान ज्यादा भी हो सकता है। सही नुकसान का पता लगाने में समय लगेगा। हिमपात से नए और पूरी तरह व्यस्क हो चुके पुराने पेड़ों को नाममात्र का नुकसान हुआ है।