बेंगलुरु। 16 साल के चेतन गौड़ ने समय पर खून न मिलने के कारण अपनी टीचर को खो दिया था। इस घटना के बाद तो जैसे उसकी जिंदगी ही बदल गई। उसने फैसला कर लिया कि वह खून की उपलब्धता की कमी की वजह से किसी की जान नहीं जाने देगा। खेलने-कूदने की इस उम्र में चेतन ने ब्लड बैंक खोल दिया जो कि जरूरतमंदों को ब्लड उपलब्ध कराता है।

चेतन ने अपने एनजीओ का नाम 'खून' रखा है, जो लोगों की मदद के लिए 24 घंटे उपलब्ध है। इस एनजीओ की मदद से आप खून ले भी सकते है और डोनेट भी कर सकते हैं। इसके खोलने के पीछे एक ही संदेश है 'किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं होगी।'

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सरकार ने खून दान करने वाले के लिए जो कीमत तय की है, उसी कीमत पर आप यहां अपना खून डोनेट कर सकते हैं। 450 मिली. खून की कीमत 500 रुपये से 2000 रुपये के बीच है। इस संस्था में 250 रजिस्टर्ड सदस्य हैं।