नई दिल्ली। सऊदी अरब से मंगलवार को ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल को बिना शर्त भारत प्रत्यर्पित किया गया। उसने यूपीए नेताओं और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों को घूस देने की बात से साफ इंकार किया है। अगस्टा वेस्टलैंड डिफेंस डील में दलाली लेने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया है। मिशेल ने पैसे लेने की बात स्वीकार की है, लेकिन उसने इसे घूसखोरी न बताते हुए कंसल्टेंसी फीस कहा है।

मिशेल की पूछताछ से परिचित अधिकारियों का कहना है कि वह रात में दो घंटे सो पाया। रातभर सीबीआई के अधिकारी उससे पूछताछ करते रहे। उसने घूस के किसी भी लाभार्थी का नाम नहीं बताया है। उसका दावा है कि वह डिस्लेक्सिक से पीड़ित है। मिशेल ने पूछताछ में यूपीए नेताओं या फिर रक्षा मंत्रालय से पैसे लेने की बात को पूरी तरह खारिज कर दिया।

मिशेल ने कहा कि उसने यूपीए सरकार से कोई घूस नहीं ली, लेकिन अगस्टा वेस्टलैंड से कंसल्टेंसी फीस ली थी। उसने सीबीआई अधिकारियों को बताया कि वह लिख नहीं सकता है। हाथों से लिखे घूस वाले जो नोट मिले हैं, जिनमें राजनेताओं और नौकरशाहों को कथित घूस दिए जाने की बात है, उसे गुइडो हास्चके नाम के अन्य यूरोपिय बिचौलिये ने लिखा है।

हाथ से लिखे जो नोट मिले हैं, उसमें सोनिया गांधी को वीआईपी चॉपर के पीछे की प्रेरक शक्ति बताया गया है। नोट में मिशेल ने कहा है कि सोनिया के अलावा पीटर हुलेट (अगस्ता वेस्टलैंड के तत्कालीन भारतीय प्रमुख) को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी और सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल को साधना चाहिए।

मिशेल ने हास्चके पर खुद को फंसाने का आरोप लगाया। 'बजट खर्च आइटम' शीर्षक के एक अन्य नोट के मुताबिक कुछ लोगों को कुल 30 मिलियन यूरो की घूस दी गई थी। इन लोगों के नामों के कुछ अक्षर नोट में लिखे गए थे, जैसे 'FAM' और 'AP' इन दोनों नामों के साथ POL कैप्शन लिखा था। आपको बता दें कि अगस्‍ता वेस्‍टलैंड वीवीआईपी चॉपर डील में मिशेल एक बिचौलिया था और मंगलवार रात उसे यूएई से गिरफ्तार करके भारत लाया गया है। वीवीआईपी चॉपर घोटाला करीब 3,600 करोड़ रुपए का है।

सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि मिशेल ने खुद को और भारत के राजनेताओं एवं नौकरशाहों को बचाने के मकसद से पूरा दोष हास्चके पर मढ़ने की कोशिश की है। अधिकारी ने कहा कि वह सब कुछ जानता है, लेकिन हमारे सवाल पर अपनी मर्जी के मुताबिक ही जवाब देता है। जब उसे यह पता चला कि हमारे पास कुछ ट्रांजैक्शंस के दस्तावेज मौजूद हैं तो वह थोड़ा आक्रामक हो जाता है।

ब्रिटिश उच्चायोग ने लिखी चिठ्ठी

ब्रिटेन के उच्‍चायोग ने भारत सरकार को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में हाई कमीशन ने अगस्‍ता वेस्‍टलैंड के बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को राजनयिक से मिलने देने का अनुरोध् किया गया है। सूत्रों की ओर से बताया गया है कि भारत सरकार को ब्रिटेन की हाई कमीशन की ओर से इस बाबत अनुरोध मिला है और मामले पर विचार विमर्श जारी है।

भाजपा हुई आक्रामक

इस मामले में भाजपा आक्रामक रवैये में आ गई है। भाजपा का कहना है कि अगस्तावेस्टलैंड चॉपर डील के बिचौलिए क्रिश्चियन मिलेश के दो और वकीलों के तार कांग्रेस से जुड़ते दिख रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को दस्तावेजों को पेशकर दावा किया कि मिशेल के बचाव में कोर्ट में पेश हुए तीनों वकील कांग्रेस पार्टी के सदस्य हैं। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मिशेल केस से अपने लोगों को हटाना नहीं चाहती। अपने वकीलों के जरिए वह वह केस से जुड़ी जानकारियां पाना चाहती है।