नई दिल्ली। वायुसेना ने पिछले तीन साल में 27 विमानों को खोया है। । इसमें 15 लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर शामिल हैं। केंद्र सरकार ने बुधवार को यह जानकारी दी। लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने बताया कि दुर्घटना के कुल 11 मामलों में करीब 524.64 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें हाल ही में वायुसेना के एएन-32 विमान की दुर्घटना भी शामिल है।

मंत्री श्रीपद नाइक के मुताबिक वित्त वर्ष 2016-17 में वायुसेना के छह लड़ाकू जेट, दो हेलीकॉप्टर, एक परिवहन विमान और एक प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इसी तरह 2017-18 में वायुसेना ने दो लड़ाकू जेट और तीन प्रशिक्षण विमान दुर्घटना में खोए। यहीं नहीं 2018-19 में वायुसेना ने सात लड़ाकू जेट, दो हेलीकॉप्टर और दो प्रशिक्षण विमान खोए हैं। इसी साल वायुसेना के कई विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं। जनवरी में वायुसेना का जगुआर विमान उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। वहीं फरवरी में मिराज 2000, मिग-27, दो सूर्य किरण एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त हो गए।

इन हादसों में तीन पायलट भी शहीद हुए थे। वहीं कश्मीर के बड़गाम में एमआइ-17 दुर्घटनाग्रस्त होने से छह जवान शहीद हुए थे। इस प्रकार वायुसेना ने इस साल एक मिराज, एक जगुआर, एक हेलीकॉप्टर, दो हॉक विमान और दो मिग परिवार के विमानों को खोया है। यह हादसे वायुसेना के बेड़े की गहन पड़ताल की जरूरत बताते हैं। साथ ही विमानों के आधुनिकीकरण की जरूरत को सामने लाते हैं।