नई दिल्ली। कई बार ऐसा होता है कि आपकी टिकट कंफर्म होती है, लेकिन एयरलाइन में ओवर बुकिंग होने की वजह से आपकी सीट किसी दूसरे यात्री को दे दी जाती है। ऐसे में गुस्सा और बेचैनी बढ़ जाती है। समय खराब होता है, सो अलग। मगर, अब डीजीसीए यात्रियों की मदद को आगे आया है। जानिए यदि आपके साथ ऐसा हो, तो क्या करें...

डीजीसीए यात्रियों की मदद के लिए आ गया है। उसने अनिवार्य कर दिया है कि जो एयरलाइन्स ओवरबुकिंग के कारण कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को सीट देने से इंकार करते हैं, उन्हें सेवा प्रदान करने में असफल रहने के लिए क्षतिपूर्ति देनी पड़ेगी।

एयर इंडिया और डीजीसीए ने हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि यात्री को मुआवजे का दावा करने का पूरा अधिकार है। एक वकील की ओर से दायर की गई याचिका के जवाब में यह बात बताई गई। वकील ने 2010 डीजीसीए के नियमों पर सवाल उठाए थे, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जिन्हें ओवरबुकिंग की वजह से सीट नहीं मिल पाती है।

डीजीसीए और एयर इंडिया द्वारा दिए गए बयानों पर सुनवाई के बाद, अदालत ने कहा कि ओवर बुकिंग के कारण बोर्डिंग से वंचित कोई भी यात्री सिविल और कंज्यूमर फोरम में जा सकता है। यहां वह डीजीसीए के तहत निर्धारित न्यूनतम क्षति नियमों के अलावा भी दावा कर सकता है।

डीजीसीए ने कहा कि 2010 के नियम मुआवजे को सीमित नहीं करते हैं। यात्री एयरलाइंस से पूर्ण मुआवजा पाने का हकदार है। डीजीसीए के नियमों के मुताबिक, यात्री ऐसी स्थिति में मुआवजे का हकदार है, जिसमें असुविधा के लिए अधिकतर वैकल्पिक व्यवस्था, किराया वापसी और/या वित्तीय क्षतिपूर्ति शामिल है।

जानें कि यदि कोई एयरलाइन ओवरबुकिंग का हवाला देकर आपको सीट देने से इंकार करता है, तो आपको क्या करना है...

1. एयरलाइन के जवाब का इंतजार करेंः वे लोगों से पूछेंगे कि क्या कोई खुद सीट छोड़ने के लिए तैयार है। यदि कोई सीट छोड़ता है, तो आपको विमान में सीट मिल जाएगी। आमतौर पर ऐसा कोई करता नहीं है। तब मुआवजे की बात आती है। यात्री के रूप में आपको टिकट-वापसी की लागत, या अन्य निपटारे, कुल टिकट लागत की राशि मिलती है।

2. इसके अलावा, आप यात्री के रूप में 1 घंटे तक की ब्लॉक टाइम के लिए दो हजार रुपए, 1 घंटे से अधिक ब्लॉक टाइम के लिए 3,000 रुपए, और दो घंटे से अधिक से के ब्लॉक टाइम के लिए 4000 रुपए मुआवजा पाने के हकदार हैं। ब्लॉक टाइम वह समय है, जो फ्लाइट डिपार्चर गेट से अराइविंग गेट तक पहुंचने के लिए लेती है।

3. आप अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस से भी मुआवजा पाने के हकदार हैं और यह राशि घरेलू उड़ानों से अधिक होगी।