लखनऊ। उत्तर प्रदेश लोकसभा उपचुनाव में मिली जीत से दोनों पार्टियों में जहां उत्साह का माहौल है वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव लखनऊ में मायावती से मिलने उनके घर पहुंचे। इससे पहले उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कई बार मायावती को धन्यवाद ज्ञापित किया।

जीत के बाद मीडिया को भी किया संबोधित-

उत्‍तर प्रदेश में उपचुनावों में जीत हासिल करने के बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने मीडिया को संबोधित किया और कहा कि यह जीत कोई आसान जीत नहीं हैं यह सामाजिक न्‍याय की जीत है। उन्‍होंने सबसे पहले पत्रकारों को शुक्रिया अदा किया और कहा कि मैं दोनों ही क्षेत्रों की जनता को बहुत बहुत धन्‍यवाद देता हूं। इसके साथ ही उन्‍होंने समाजवादी पार्टी की मुखिया मायावती को भी शुक्रिया कहा है।

सभी सहयोगी दलों का शुक्रिया करने के बाद अखिलेश ने कहा कि यह जब एक मुख्‍यमंत्री और उप मुख्‍यमंत्री के क्षेत्रों की जनता में इतनी नाराजगी है तो अब आप आने वाले समय का अंदाजा लगा लीजिए। उन्‍होंने योगी आदित्‍यनाथ के बयानों पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्‍होंने संविधान का खिलाफ काम किया है।

समय आने पर होगा बसपा से गठबंधन पर विचार-

गोरखपुर और फूलपुर में पार्टी प्रत्याशी की जीत से गदगद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यह सामाजिक न्याय की जीत है। जनता ने कर्जमाफी, नोटबंदी, जीएसटी और भय के वातावरण का जवाब दिया है। लोकसभा चुनावों में बसपा से गठबंधन के बाबत एक सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में समय आने पर विचार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सदन में संविधान की धज्जियां उड़ाई। मैं हिदू हूं, ईद नहीं मनाता। एनकाउंटर कर दो, तोड़ देंगे जैसे शब्द सदन में कहे गए। हमें सांप-छंछूदर, चोर-चोर मौसेरे भाई व औरंगजेब की पार्टी तक कहा गया। लेकिन गरीबों, किसानों, मजदूरों, दलित भाइयों ने इसका जवाब दे दिया।

अखिलेश ने कहा कि भाजपा ने जनता से जो वायदे किए, वे पूरे नहीं किए। केंद्र और प्रदेश के बजट ने निराश किया। इस वादाखिलाफी के लिए जनता ने वोट किया है। कल तक कह रहे थे कि हमारे कारनामे बोलते हैं। आज जनता ने जवाब दे दिया है।

भाजपा देश और समाज का नुकसान कर रही है। जातियों और धर्मों में संघर्ष कराने की कोशिश कर रही है। राष्ट्रवाद के नाम पर जनता को फरेब देने का काम कर रही है। जो सरकार जनता को दुख देती है, समय आने पर जनता जवाब देती है।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह मायावती से मिलकर बधाई देंगे, अखिलेश ने सवाल को टालते हुए कहा कि उनके सहयोग से ही जीत मिली है। ईवीएम को लेकर सवाल पर कहा कि बैलट पेपर से चुनाव होते तो भाजपा एक लाख से अधिक वोट से हारी होती।

Samajwadi Party Chief Akhilesh Yadav arrives at the residence of BSP Chief Mayawati in Lucknow. #UPByPolls pic.twitter.com/V94qRnMNsq