नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के दिल्ली में अनशन के बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राज्य की जनता को खुला पत्र लिखा है। आंध्र प्रदेश की जनता को लिखे पत्र में शाह ने विस्तार से बताया है कि किस तरह चंद्रबाबू नायडू केंद्र सरकार के खिलाफ झूठा आरोप लगा रहे हैं।

साथ ही केंद्र सरकार की विकास योजनाओं पर अड़ंगा लगाकर जनता के साथ धोखा भी कर रहे हैं। शाह के अनुसार कभी कांग्र्रेस की तानाशाही नीतियों के खिलाफ खड़ी हुई तेलुगु देसम पार्टी को नायडू ने उसी कांग्र्रेस का पिछलग्गू बना दिया है।

कमजोरियां छिपाने के लिए लगा रहे झूठे आरोप अपने 13 पन्नों के पत्र में अमित शाह ने आंध्र प्रदेश के विकास के लिए मोदी सरकार की ओर से किए गए कामों का विस्तार से वर्णन किया है।

इससे आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य के दर्जे से होने वाले फायदे से भी कहीं ज्यादा लाभ हुआ है। कभी खुद चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश की विधानसभा में सार्वजनिक रूप से मोदी सरकार की ओर से राज्य को मिल रही आर्थिक मदद की प्रशंसा की थी।

यही नहीं, विधानसभा ने बाकायदा इस संबंध में प्रस्ताव भी पारित किया था लेकिन धोखा देने की पुरानी आदत के चलते चंद्रबाबू कमजोरियों को छिपाने के लिए मोदी सरकार पर झूठे आरोप लगा रहे हैं।

14वें वित्त आयोग के तहत हम विशेष सहायता देने को तैयार थे

आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने में दिक्कत बताते हुए अमित शाह ने कहा कि 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के कारण यह संभव नहीं है। हालांकि केंद्र सरकार उसी 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप आंध्र प्रदेश को पांच साल के लिए विशेष सहायता देने को तैयार है।

तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के फरवरी 2014 के बयान के मुताबिक 2015-16 से 2019-20 के बीच जितना धन आंध्र प्रदेश को मिलता, उतना धन विशेष सहायता के तहत राज्य को मिल जाएगा।

शाह के अनुसार पिछले साल फरवरी में आंध्र प्रदेश के अधिकारियों के साथ इसके लिए विशेष कंपनी (एसपीवी) बनाने पर चर्चा हुई थी लेकिन प्रदेश सरकार की ओर इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

कांग्रेस के साथ गलबहियां पर आड़े हाथ लिया

शाह ने जहां एक ओर आंध्र प्रदेश में केंद्र सरकार की ओर से लागू की जा रही तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को गिनाया, वहीं एनटीआर की सरकार को असंवैधानिक तरीके से बर्खास्त करने वाली कांग्र्रेस के साथ गलबहियां करने पर चंद्रबाबू नायडू को आड़े हाथों भी लिया।

शाह ने बताया कि किस तरह नायडू ने कांग्र्रेस की तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाने के लिए बनी तेलुगु देसम पार्टी के मूल सिद्धांतों को ही त्याग दिया है। शाह ने कहा कि आंध्र प्रदेश की जनता चंद्रबाबू नायडू की इन करतूतों को अच्छी तरह जान रही है और आने वाले चुनाव में वह इसका जवाब भी देगी।