श्रीनगर। आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा से अगवा किए जवान औरंगजेब की हत्या कर दी है। औरंगजेब के शव को पुलवामा के गूसो से बरामद किया गया है। सेना ने जवान की खोज के लिए बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया था।

गौरतलब है कि गुरुवार को आतंकियों ने अवकाश पर घर जा रहे औरंगजेब को अगवा कर लिया था। औरंगजेब जम्मू संभाग के जिला पुंछ का रहने वाला था और वह ईद मनाने के लिए आज अपने घर के लिए रवाना हुआ था।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह नौ बजे के करीब शादीमर्ग, पुलवामा में स्थित सेना की 44 आरआर के जवानों ने अपने शिविर के बाहर एक सूमो टैक्सी को रोका। उन्होंने उसमें अपने साथी औरंगजेब को बैठाया।

टैक्सी में बैठकर उसे शोपियां पहुंचना था और वहां से उसने मुगल रोड के रास्ते पुंछ अपने घर जाना था।

अलबत्ता, शोपियां से कुछ दूरी पर पहले स्थित कलमपोरा में स्वचालित हथियारों से लैस आतंकियों के एक दल ने सूमो टैक्सी को रोक लिया। उन्होंने भीतर बैठे सभी लोगों की छानबीन की और औरंगजेब की निशानदेही कर उसे अपने साथ ले गए।

सैन्यकर्मी को अगवा किए जाने की सूचना मिलते ही सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने शोपियां, पुलवामा, कलमपोरा, शादीमर्ग और उनके साथ सटे इलाकों में घेराबंदी करते हुए तलाशी अभियान चलाया।

बतादें औरंगजेब 44 आरआर के उस दस्ते का हिस्सा थे, जिन्होंने मेजर शुक्ला के नेतृत्व में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी समीर बट उर्फ समीर टाईगर को द्रबगाम पुलवामा में 30 अप्रैल 2018 को हुई मुठभेड़ में मार गिराया था।

आतंकियों ने पुलिसकर्मी को भी किया अगवा-

उधर, पुलवामा के नौपोरा पाइन इलाके में अपने घर छुट्टी पर आए पुलिसकर्मी को बुधवार देर रात आतंकियों ने अगवा कर लिया। पुलिसकर्मी की पहचान इफ्हाक अहमद के रूप में हुई है। सुरक्षाबलों ने आतंकियों और पुलिसकर्मी की तलाश में सघन अभियान छेड़ दिया है।