श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के शिक्षा मंत्री सईद अल्ताफ बुखारी ने शनिवार को थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को सलाह देते हुए कहा कि वह उन मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप करने से बचें जो उनके दायरे में नहीं आते। हमें यहां क्या पढ़ाना है और क्या नहीं इस पर हमें जनरल की सलाह नहीं चाहिए।

शिक्षा मंत्री ने यह प्रतिक्रिया रावत के उस बयान पर दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि जम्मू कश्मीर में दो तरह के नक्शे पढ़ाए जाते हैं, एक हिदोस्तान का और दूसरा जम्मू कश्मीर का। उन्होंने स्कूलों के पाठ्यक्रम और मदरसों पर भी कथित तौर पर टिप्पणी की।

शनिवार को शिक्षा मंत्री गर्ल्ज हायर सेकेंडरी स्कूल में सीएम सुपर 50 सिविल सर्विसीज कोचिंग का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। बुखारी ने कहा कि थलसेना प्रमुख एक प्रतिष्ठित और काबिल अधिकारी हैं। मुझे उनकी सैन्य व रणनीतिक योग्यताओं पर कोई संदेह नहीं है।

उन्होंने कहा कि मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं। मुझे नहीं लगता कि वह कोई शिक्षाविद हैं और एक ऐसे व्यक्ति से जो शिक्षा क्षेत्र से नहीं हैं, हमें उनसे सलाह और सीख की कोई जरूरत नहीं है। जो शिक्षाविद नहीं हैं उन्हें अनावश्यक बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। उन्हें हमें यह बताने की जरूरत नहीं कि हमें एक नक्शा बताना चाहिए या दो नक्शे बताने चाहिए। यह असहनीय है।

शिक्षामंत्री ने कहा कि अगर एक सैन्य कमांडर की जगह कोई शिक्षाविद हमें राज्य की शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने की सलाह देता है तो हम उसका स्वागत करेंगे। शिक्षा व्यवस्था तो राज्य सूची का विषय है। हमें पता है कि इसे कैसे बेहतर बनाना है। भारतीय संविधान ने अलग-अलग लोगों व संस्थाओं की भूमिका स्पष्ट कर रखी है। मुझे खुशी होती अगर वह(जनरल रावत) अपना काम करते जो उनकी जिम्मेदारी है और हमें हमारा काम करने देते।