नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी देश की उन चंद बड़ी विभूतियों में शामिल हो जाएंगे, जिनकी तस्वीर संसद के केंद्रीय कक्ष में होगी।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सेंट्रल हॉल में मंगलवार को भव्य समारोह में अटल जी के तैल चित्र का अनावरण करेंगे। इस दौरान उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के साथ सरकार व विपक्षी दलों के तमाम दिग्गज नेता भी मौजूद रहेंगे।

राजनीति में दलीय सीमा से ऊपर यह अटल बिहारी वाजपेयी की लोकप्रियता ही है कि केंद्रीय कक्ष में पूर्व प्रधानमंत्री की तस्वीर लगाने के प्रस्ताव पर विपक्षी पार्टियों के तमाम नेताओं ने भी हामी भरने में देर नहीं लगाई।

केंद्रीय कक्ष में बाईं ओर सामने की तरफ अटल जी का बड़ा तैल चित्र प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय के चित्र के पास लगाया गया है।

केंद्रीय कक्ष में महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल, बाबा साहेब बीआर आंबेडकर, सुभाष चंद्र बोस, बाल गंगाधर तिलक, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी से लेकर वीर सावरकर जैसी शख्सियतों की तस्वीरें लगी हुई हैं।

यहां तस्वीरें लगाने के लिए अब ज्यादा जगह नहीं है। इसीलिए कई वर्ष पहले संसद भवन परिसर में मूर्ति या तस्वीर लगाने का फैसला करने के लिए स्पीकर की अध्यक्षता में सभी प्रमुख दलों के नेताओं की एक संसदीय समिति बनाई गई।

यह समिति ही तस्वीर लगाने से लेकर किसी तरह के बदलाव पर मुहर लगाती है। वाजपेयी की तस्वीर लगाने का प्रस्ताव आने पर इस समिति ने पूर्व पीएम के योगदानों का स्मरण करने के लिए इसकी मंजूरी दी।

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सोमवार को सदन में सभी सांसदों को इसकी सूचना देते हुए कार्यक्रम में शामिल होने का न्यौता भी दिया।