कई बार एटीएम से कैश निकालते वक्त ट्रांजैक्शन फेल होने की वजह से आपका पैसा अटक जाता है। लेकिन, उसी वक्त आपके पास मैसेज आता है कि आपके खाते से पैसे निकल चुके हैं। हम में से बहुत कम लोग ये जानते हैं कि एटीएम फेल होने की वजह से अगर आपके सेविंग अकाउंट में से पैसे कट जाते हैं तो बैंक की तरफ से आपको मुआवाजा मिलेगा। कुछ लोगों को ये पढ़कर हैरानी हो रही होगी, लेकिन ये बात सच है। बता दें कि, पैसे कटने की शिकायत करने के 7 दिनों के अंदर यदि आपका पैसा वापस नहीं आता है तो बैंक को हर दिन 100 रुपए के हिसाब से आपको मुआवजा देना होगा। रिजर्व बैंक की ओर से यह कानून 1 जुलाई 2011 से लागू है, लेकिन कई लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं है।

वित्त वर्ष 2018 की अगर हम बात करें तो बैंकिंग ऑम्बुड्समैन के पास जितनी शिकायतें आई हैं, उनमें से 10 फीसदी शिकायते ATM ट्रांजैक्शन से जुड़ी है। वहीं, रिजर्व बैंक से मिले आंकड़ों के मुताबिक ATM से जुड़ी शिकायतों में 50 फीसदी का उछाल आया है। रिजर्व बैंक के नियम के अनुसार, अगर ATM से पैसा निकालते हुए आपका पैसा फंस जाता है तो इसकी शिकायत संबंधित बैंक में करें। वहीं, 7 कामकाजी दिनों के अंदर बैंक को आपकी यह समस्या सुलझानी होगी।

बता दें कि, 1 जुलाई 2011 से लागू आरबीआई के नियमों के मुताबिक अगर 7 कामकाजी दिनों में आपका पैसे वापस नहीं आता है तो बैंक को 100 रुपए प्रति दिन के हिसाब से मुआवजा देना होगा। इतना ही नहीं नियम के अनुसार मुआवजे की रकम सीधे कस्टमर के खाते में आनी चाहिए। लेकिन, यह मुआवजा लेने के लिए जरूरी है कि आप पैसे फंसने के 30 दिनों के भीतर बैंक में अपनी शिकायत दर्ज करा दें।

ATM से ट्रांजैक्शन के कुछ और भी नियम हैं जिनकी जानकारी आपको होनी चाहिए। यह नियम दूसरे बैंक के एटीएम और लेबल एटीएम पर भी लागू है। आप अपना डेबिट कार्ड अपने बैंक के ATM में इस्तेमाल कर रहे है या किसी दूसरे बैंक के या फिर व्हाइट लेबल ATM में। पैसे फंसने के बाद जितनी जल्दी हो सके शिकायत दर्ज कराए। आरबीआई के नियम के मुताबिक, बैंकों को अपने ATM बॉक्स पर नाम, कॉन्टेक्ट नंबर, टोल फ्री नंबर, हेल्प डेस्क नंबर और इससे जुड़े अधिकारियों के नंबर लिखा रहना जरूरी होता है।