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    CJI से मिला बार काउंसिल प्रतिनिधिमंडल, अध्‍यक्ष बोले-सब कुछ सुलझा लिया जाएगा

    Published: Sun, 14 Jan 2018 01:29 PM (IST) | Updated: Mon, 15 Jan 2018 12:46 AM (IST)
    By: Editorial Team
    m mishraa 2018114 2202 14 01 2018

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों द्वारा देश के प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ बगावत से उपजे संकट का समाधान करने के लिए रविवार को दिनभर वकील संगठनों और न्यायाधीशों के बीच मुलाकातों का दौर चलता रहा। इसी क्रम में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआइ) और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के प्रतिनिधिमंडलों ने प्रधान न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा से अलग-अलग मुलाकात की।

    जस्टिस दीपक मिश्रा ने उन्हें आश्वस्त किया कि संकट का जल्द ही समाधान निकाल लिया जाएगा और सौहार्द बना रहेगा। बीसीआइ के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और प्रधान न्यायाधीश के बीच 50 मिनट तक चली मुलाकात के बाद काउंसिल के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने बताया कि बातचीत काफी सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई।

    जस्टिस मिश्रा ने आश्वस्त किया है कि सब कुछ जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। मनन कुमार ने बताया कि इससे पहले प्रतिनिधिमंडल ने अभूतपूर्व संवाददाता सम्मेलन करने वाले चार में से तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों जस्टिस जे. चेलमेश्वर, जस्टिस एमबी लोकुर, जस्टिस कुरियन जोसेफ से भी मुलाकात की।

    उन्होंने भी भरोसा दिलाया है कि हर चीज को सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के साथ हुई बातचीत के बारे में सोमवार को जानकारी दी जाएगी। उधर, एससीबीए के अध्यक्ष विकास सिंह ने भी प्रधान न्यायाधीश से मुलाकात की।

    15 मिनट की मुलाकात के बाद विकास सिंह ने बताया, "मैंने प्रस्ताव की प्रति उन्हें सौंपी। उन्होंने कहा कि वह इस पर गौर करेंगे और सुप्रीम कोर्ट में में जल्द से जल्द सौहार्द कायम करेंगे।"

    एससीबीए ने शनिवार को एक आपात बैठक कर कहा था कि इस मुद्दे पर शीर्ष अदालत की पूर्ण पीठ को तत्काल विचार करना चाहिए। उधर, दिनभर सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न न्यायाधीश भी एक दूसरे से मुलाकात करते रहे।

    सूत्रों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दो अन्य न्यायाधीशों जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एल. नागेश्वर राव ने जस्टिस चेलमेश्वर से उनके आवास पर मुलाकात की।

    वहीं, बीसीआइ के प्रतिनिधिमंडल ने जस्टिस आरके अग्रवाल, जस्टिस एएम खानविल्कर और जस्टिस अरुण मिश्रा से भी मुलाकात की। जस्टिस अरुण मिश्रा विशेष सीबीआइ न्यायाधीश बीएच लोया की मौत की जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई को लेकर चर्चा में हैं।


    ...तो सड़कों पर उतरेंगे वकील

    दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशन की समन्वय समिति ने सुप्रीम कोर्ट के चार न्यायाधीशों द्वारा की गई प्रेस कांफ्रेंस को "दुर्भाग्यपूर्ण" करार देते हुए कहा है कि यदि 10 दिनों में संकट का समाधान नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतरेंगे।


    फुल कोर्ट आज कर सकती है मामले पर विचार

    सुप्रीम कोर्ट के जारी संकट पर सोमवार को फुल कोर्ट विचार कर सकती है। इस व्यवस्था के तहत सुप्रीम कोर्ट के सभी न्यायाधीश किसी मसले पर अंदरूनी स्तर पर विचार करते हैं।

    सूत्रों ने बताया कि चार वरिष्ठ न्यायाधीशों द्वारा अपनी शिकायतें सार्वजनिक तौर पर व्यक्त करने के बाद फुट कोर्ट में विचार जरूरी हो गया था।

    इस बात की पूरी संभावना है कि चारों वरिष्ठ न्यायाधीशों को सर्वोच्च अदालत के अन्य न्यायाधीशों का समर्थन हासिल नहीं है।

    वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में प्रधान न्यायाधीश समेत 25 न्यायाधीश हैं जबकि शीर्षतम्‌ अदालत में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 31 है।

    सूत्र ने बताया कि फुल कोर्ट में प्रधान न्यायाधीश बहुमत में हैं, इसीलिए चारों न्यायाधीशों ने फुल कोर्ट की मांग नहीं की है।

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