चेन्नै। पूर्व केंद्रीय मंत्री दयानिधि मारन और उनके कलानिधि मारन के लिए बड़ी राहत की खबर है। अवैध टेलिफोन एक्सचेंज मामले से तमिलनाडु के चेन्नै में सीबीआई की अदालत ने उन्हें आरोपमुक्त कर दिया है।

सीबीआई ने आरोप लगाया था कि दयानिधि मारन ने जून 2004 से दिसंबर 2006 तक संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के पद पर रहते हुए अपनी ताकत का दुरुपयोग किया था। उन्होंने चेन्नै में अपने आवास पर प्राइवेट टेलिफोन एक्सचेंज लगवाया था।

सीबीआई के अनुसार, 700 से ज्यादा टेलिकॉम लाइन बोट क्लब और गोपालपुरम स्थित उनके आवास में लगाई गई थीं। इन डेटा लाइनों का इस्तेमाल सन टीवी के लिए गया था और इसका कोई बिल नहीं दिया गया।

इसके चलते सरकारी खजाने को 1.78 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचा है। गौरतलब है कि सन टीवी कलानिधि मारन का है। गौरतलब है कि इस मामले में मारन बंधुओं के अलावा सन टीवी के मुख्य टेक्निकल असिस्टेंट एस कानन, दयानिधि मारन के तत्कालीन अतिरिक्त निजी सचिव वी गोथामन, सन टीवी के इलेक्ट्रीशियन एस रवि और बीएसएनएल के अधिकारी वेलुसामी को आरोपी बनाया गया था।