मल्टीमीडिया डेस्क। बिहार विधानसभा की दो सीटों, जहानाबाद और भभुआ पर हुए उपचुनाव के नतीजे आ गए हैं। जहानाबाद सीट पर जहां लालू यादव की पार्टी आरजेडी जीत दर्ज करने में कायम रही, वहीं भभुआ सीट पर भाजपा ने जीत हासिल कर ली है।

2015 के विधानसभा चुनावों में जहानाबाद सीट पर आरजेडी के मुद्रिका सिंह यादव ने जीत हासिल की थी। इसी तरह भभुआ सीट पर पहले भी भाजपा का कब्जा था। तब आनंदभूषण पांडेय विधायक चुने गए थे। दोनों विधायकों के निधन से ये सीटें खाली हुई थीं।

भभुआ सीट से भाजपा की पिंकी रानी 15,490 वोटों से जीत दर्ज करने में कामयाब रही। वहीं जहानाबाद से सुदय यादव विजयी घोषित कर दिए गए हैं।

इस तरह बिहार विधानसभा के गणित में कोई फर्क नहीं पड़ा। 243 विधानसभा सीटों के लिए 2015 में हुए चुनावों में लालू की पार्टी को 80 सीटें मिली थीं। महागठबंधन का हिस्सा बनकर मैदान में उतरी जेडीयू के खाते में 71 सीटें गई थीं। भाजपा को 53 सीटों से संतोष करना पड़ा था, जबकि कांग्रेस को 27 सीटें मिली थीं।

पहले नीतीश कुमार की अगुवाई में महागठबंधन की सरकार बनी थी, लेकिन बाद में समीकरण ऐसे बने कि जेडीयू ने लालू यादव से दुरियां बना ली और भाजपा के साथ हाथ मिलाकर सरकार बना ली। फिलहाल प्रदेश में राजग की सरकार है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय ने कहा है कि इस चुनाव में जनता ने सहानुभूति के आधार पर वोट दिया है। मैं अपने समर्थकों को धन्यवाद देता हूं और जनता का भी शुक्रगुजार हूं। हम 2019 की तैयारी करेंगे और पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में चुनाव जीतेगी।

चुनाव के नतीजे पर रामकृपाल यादव ने कहा है कि उपचुनाव के नतीजों से कोई फर्क़ नहीं पड़ता। एनडीए हार की समीक्षा करेगी। वहीं, कैमूर विधानसभा सीट पर भाजपा की उम्मीदवार रिंकी रानी पांडेय ने जीत हासिल की है, तो वहीं राजद के उम्मीदवार सुदय यादव ने जदयू के अभिराम शर्मा को हराकर विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की है।

राजद नेता मनोज झा ने कहा है कि लालू यादव एक विचार हैं, विचार को जेल में कैद नहीं किया जा सकता है’ भाजपा और जदयू को देश की जनता ने नकार दिया है। ‘गोरखपुर, फूलपुर सीट हारना भाजपा के बुरे दिन की शुरुआत है।

वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि राजद को राजनीति समझ नहीं आती, उपचुनाव में दो सीट जीतकर क्या हासिल कर लेंगे? जहानाबाद में एनडीए की हार पर अरूण कुमार ने कहा कि सही उम्मीदवार के चयन न होने से हुई है हार। जदयू प्रत्याशी ने प्रचार के लिए नहीं बुलाया।

चुनाव के नतीजों पर उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने ट्वीट कर जीतने वाले उम्मीदवारों को जीत की बधाई दी है और कहा है कि यह सहानुभूति के आधार पर मिले वोटों के कारण हुई जीत है।