राज्य ब्यूरो, पटना : होली से पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पटना हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा है कि पंडारक थाना क्षेत्र के सीता राम सिंह की हत्या के मुकदमे में मुख्य मंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ क्रिमिनल केस नहीं चलेगा। यह मामला 28 साल पुराना है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की याचिका पर न्यायाधीश एहसान अमानुल्ला ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया है। पूर्व में बाढ़ के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रंजन कुमार ने नीतीश कुमार के खिलाफ केस चलाने की अनुमति दी थी। इसे नीतीश कुमार की ओर से 2009 में पटना हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

क्या है मामला

मामला पटना जिले के पंडारक थाने से जुड़ा है। 1991 में 16 नवंबर को बाढ़ लोकसभा क्षेत्र के मध्यावधि चुनाव के दिन शिक्षक सीता राम सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में कुछ लोग घायल भी हुए थे। प्राथमिकी हत्या के एक दिन बाद दर्ज कराई गई थी। इसमें नीतीश सहित कुल पांच लोगों को अभियुक्त बनाया गया था। बाद में नीतीश कुमार एवं दुलार चंद्र को आरोप मुक्त कर दिया गया था।

2009 में मृतक के रिश्तेदार अशोक सिंह ने बाढ़ के एसीजे एम की अदालत में परिवाद दाखिल कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और योगेंद्र यादव को अभियुक्त बनाने की मांग की। इसे एसीजेएम ने स्वीकार कर लिया।

10 साल बाद आया फैसला

हाई कोर्ट में इस मामले में लंबे समय से सुनवाई चली। हाई कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश पर रोक लगा दी थी। हाई कोर्ट ने 31 जनवरी को सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रखा था।