चंडीगढ़। ब्रेन डेड परमजीत सिंह ने इस दुनिया से जाते-जाते पांच लोगों को नई जिदंगी दी है। परमजीत सिंह पीजीआइ में नौ जनवरी से दाखिल थे। नौ जनवरी को हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में परमजीत के बाइक की टै्रक्टर-ट्रॉली की टक्‍कर हुई थी। सिविल अस्पताल ऊना के द्वारा परमजीत को पीजीआइ रेफर कर दिया गया था।

11 जनवरी को परमजीत को डॉक्टर ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया, जिसके बाद परमजीत के परिवार ने साहस दिखाते हुए बेटे के अंगों को दान कर दिया। पीजीआइ के डायरेक्टर डॉ. जगतराम ने बताया कि परमजीत की मां कांता देवी का कहना है कि उनका 25 वर्षीय बेटा मोटर मैकेनिक था। बचपन से ही उसे दूसरों को खाना देना और कपड़े देने का बहुत ज्यादा शौक था। वह हमेशा दूसरों की मदद करता था।

आज जब वह इस दुनिया में नहीं है तो उसके अंगों को दान करके किसी दूसरे लोगों को जीवन दान दिया जा सकता है। डॉक्टर जगतराम ने बताया कि परमजीत से दो किडनी, एक लिवर और दो कॉर्निया हासिल हुए हैं। इसे बेहद जरूरतमंद मरीजों को दान कर दिया गया है। इससे पांच लोगों को नई जिदंगी मिली है।