नई दिल्ली। अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे में प्रत्यर्पण कर भारत लाए गए बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल (57) को लेकर यूके ने एक मांग की है। खबरों के अनुसार ब्रिटेन ने अपने नागरिक क्रिश्चियन मिशेल तक तत्काल राजनयिक पहुंच (काउंसलर एक्सेस) दिए जाने की मांग की है।

ब्रिटिश उच्चायोग के प्रवक्ता ने बताया कि भारतीय अधिकारियों से मिशेल की परिस्थितियों के बारे में तत्काल जानकारी मांगी गई है। भारत सरकार ने ब्रिटेन की इस मांग को लेकर विचार शुरू कर दिया है। इससे पहले मिशेल के दिल्ली पहुंचने के बाद सीबीआई ने उससे सघन पूछताछ की। उसे रात में सिर्फ दो घंटे सोने दिया गया।

बेचैनी का दौरा पड़ा

ब्रिटिश नागरिक मिशेल को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से प्रत्यर्पित करके मंगलवार रात दिल्ली लाया गया था। सूत्रों ने बताया, सीबीआई मुख्यालय पहुंचने पर उसे बेचैनी का दौरा पड़ा, लिहाजा उसके लिए वहां डॉक्टर बुलाना पड़ा। इलाज के बाद उससे रिश्वत की रकम के बंटवारे और सौदे से जुड़े दस्तावेजों की पहचान को लेकर सघन पूछताछ की गई।

नाश्ते से पहले उसे सुबह चार से छह बजे तक ही सोने दिया गया। छह बजे के बाद सीबीआई के विशेष जांच दल के अधिकारियों ने उससे फिर पूछताछ की। बुधवार शाम करीब चार बजे उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया।

भूतल के लॉकअप में रखा

इससे पहले सीबीआई के संयुक्त निदेशक साई मनोहर के नेतृत्व में सीबीआई की एक टीम मंगलवार रात करीब 10.35 बजे उसे यूएई से दिल्ली लेकर आई। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ही सीबीआई ने हिरासत में ले लिया था। वहां से उसे पुलिस की कारों और बाइक के छोटे से काफिले में सीबीआई मुख्यालय लाया गया। देर रात करीब 1.20 बजे सीबीआई मुख्यालय पहुंचने पर उसे 11 मंजिला इमारत के भूतल पर स्थित लॉकअप में रखा गया।

रिश्वत के बंटवारे की पूछताछ

सीबीआई मिशेल से जानना चाहती है कि फिनमैक्केनिका और अगस्ता वेस्टलैंड से उसकी कंपनियों को मिली 283 करोड़ रुपए (4.22 करोड़ यूरो) की रकम को उसने आगे किस तरह वितरित किया ताकि रिश्वत की रकम के वितरण की श्रृंखला (मनी ट्रेल) स्थापित की जा सके।

दुबई में गिरफ्तारी के बाद से था बंदी

सीबीआई का आरोप है कि मिशेल ने इस मामले में जांच से बचने की कोशिश की इसलिए उसका मामला अन्य बिचौलिए गुइडो हश्के से अलग है। हश्के इटली में मुकदमे का सामना कर रहा है। उसके अलावा सौदे में एक और बिचौलिए कार्लो गेरोसा का नाम भी आया था। सीबीआई ने मिशेल के खिलाफ पिछले साल सितंबर में आरोप पत्र दाखिल किया था। एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया, "नई दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में विशेष सीबीआई जज ने 24 सितंबर, 2015 को खुला गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके आधार पर इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया और फरवरी, 2017 में उसे दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया।" तभी से मिशेल कैद में था।

रिश्वत बांटकर उड़ान सीमा घटवाने का आरोप

आरोप है कि उसने सह-आरोपितों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची और वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों की उड़ान सीमा को 6,000 मीटर से घटाकर 4,500 मीटर करवा लिया। सह-आरोपितों में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी, उनके परिवार के सदस्य और कई नौकरशाह शामिल हैं। उड़ान सीमा घटने की वजह से ही अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टरों का कांट्रेक्ट पाने की दौड़ में आ सकी थी।

3600 करोड़ का था सौदाआठ फरवरी, 2010 को रक्षा मंत्रालय ने अगस्ता वेस्टलैंड के साथ 3,600 करोड़ रुपए में 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों की खरीद का सौदा किया था। लेकिन अनुबंध शर्तों के उल्लंघन और कांट्रेक्ट पाने के लिए रिश्वत बांटने के आरोप लगने के बाद भारत सरकार ने एक जनवरी, 2014 को यह सौदा रद्द कर दिया था।

ईडी भी करेगा पूछताछ

सरकारी सूत्रों ने बताया कि रिश्वत की रकम लाने के लिए भारत और विदेश में मुखौटा कंपनियां बनाने को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी मिशेल से पूछताछ करेगा। इसके लिए ईडी मिशेल की अलग से हिरासत की मांग कर सकता है या सीबीआई के साथ ही पूछताछ कर सकता है। एजेंसी इस मामले में पूरक आरोप पत्र भी दायर कर सकती है जिसमें अन्य आरोपितों की भूमिका का विवरण होगा।