लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव से पहले सियासी गठजोड़ की कवायदें तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में सपा और बसपा गठबंधन भी होने जा रहा है। बसपा सुप्रीमो मायावती गुरुवार शाम लखनऊ पहुंची हैं और अब खबर आ रही है कि वो अखिलेश यादव से मुलाकात कर सकती हैं। इसके बाद शनिवार को दोनों नेता एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गठबंधन का ऐलान कर सकते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सपा की तरफ से एक पत्र जारी किया गया है जिसमें शनिवार को दोपहर 12 बजे गोमती नगर स्थित होटल ताज में मायावती और अखिलेश यादव एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। माना जा रहा है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों दलों के बीच गठबंधन का औपचारिक ऐलान हो सकता है।

इसके बाद राष्ट्रीय लोक दल के नेता अजीत सिंह ने कहा है कि हम महागठबंधन का हिस्सा हैं। हमने फिलहाल सीटों के बंटवारे को लेकर कोईं चर्चा नहीं की है। जहां तक अखिलेश यादव और मायावती जी की बात है तो वो ही तय करेंगे कि वो कांग्रेस के साथ गठबंधन करते हैं या नहीं।

वहीं दूसरी तरफ यह भी खबर है कि मायावती 80 में से 38 सीटें चाहती हैं वहीं अजीत सिंह 4 सीटों पर अड़े हैं। जबकि मायावती उन्हें तीन ही सीटें देने के पक्ष में हैं। हालांकि, इन सब को लेकर अभी किसी आधिकारिक बयान नहीं आया है।

बता दें कि इससे पहले आई खबरों में यह बात सामने आई थी कि राज्य में केवल सपा और बसपा ही गठबंधन करने वाली है और कांग्रेस को इससे अलग रखा गया है। खबर है कि पिछले दिनों लंबे विचार-विमर्श के बाद उत्तर प्रदेश के दोनों क्षेत्रीय दलों के बीच जो चुनावी समझौता हुआ है, उसके मुताबिक दोनों पार्टियां राज्य में बराबर-बराबर सीटों पर अपने-अपने प्रत्याशी उतारेंगी। जबकि कांग्रेस को इस क्षेत्रीय गठजोड़ से बाहर कर दिया गया है। सपा-बसपा गठबंधन से संयुक्त विपक्ष के महागठबंधन को धक्का लगा है।

5 सितंबर को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती के बीच राजधानी दिल्ली में देर शाम तक बैठक चली, जिसमें मोटे तौर पर फैसला हो गया था। प्रदेश की 80 में से 37 सीटों पर बसपा और 37 सीटों पर दोनों सपा चुनाव लड़ेगी, जबकि बाकी छह सीटें दूसरे दलों के लिए चुनाव की रणनीति के हिसाब से छोड़ी जाएंगी।