बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के स्याना में गोवंश के अवशेष मिलने को लेकर हुई हिंसा में नया मोड़ आ गया है। गुरुवार को सीजेएम कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट लेकर जम्मू-कश्मीर गई पुलिस की टीम फौजी जीतू को लेकर बुलंदशहर आएगी। फौजी को ही इंस्पेक्टर का हत्यारोपित माना जा रहा है। गुरुवार शाम एडीएम प्रशासन द्वारा सभी मांगें पूरी कराने के प्रयास के आश्वासन पर सुमित के परिजन ने भूख हड़ताल खत्म कर दी। गुरुवार रात पुलिस ने हिंसा के पांच और आरोपितों को गिरफ्तार किया।मुख्य आरोपित योगेश राज अब भी फरार है।

शुक्रवार को पैरा मिलिट्री फोर्स के साथ पुलिस ने चिंगरावठी गांव में फ्लैग मार्च किया। गौरतलब है कि तीन दिसंबर को बुलंदशहर के स्याना की चिंगरावठी पुलिस चौकी के पास गोवंश के अवशेष मिलने को लेकर हुई हिंसा में स्याना इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह व चिंगरावठी गांव निवासी सुमित पुत्र अमरजीत की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस प्रकरण में पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज किए थे।

मामले में पुलिस ने योगेश राज को मुख्य आरोपित बनाते हुए 27 बलवाइयों को नामजद व 60 अज्ञात बलवाइयों पर केस दर्ज किया था। बलवे के नामजद आरोपितों में महाव गांव का जीतू उर्फ फौजी पुत्र राजपाल भी शामिल है। वह जम्मू-कश्मीर में आर्म्ड कोर में तैनात है।

पुलिस सूत्रों का दावा है कि हिंसा के एक वीडियो में जीतू उर्फ फौजी इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह पर गोली चलाता दिखाई दे रहा है। इस वीडियो के आधार पर पुलिस ने फौजी की गिरफ्तारी के लिए बुलंदशहर सीजेएम कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट भी लिया है। गुरुवार को वारंट मिलने के बाद पुलिस की टीम जम्मू-कश्मीर रवाना हो गई।

एसएसपी केबी सिंह का कहना है कि हिंसा प्रकरण में फौजी की भूमिका की पूरी पड़ताल की जाएगी। एसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि बवाल का वीडियो फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने पांच आरोपित चंद्रपाल, रोहित, सोनू , जितेंद्र उर्फ लाला गुर्जर व कुलदीप त्यागी को गिरफ्तार किया है।