नई दिल्ली। गुटखा घोटाले में गुरुवार को सीबीआई ने चेन्नई में फिर से छापे मारे हैं। सीबीआई की टीम ने अन्नामलाई इंडस्ट्रीज में छापेमारी की। इस दौरान सीबीआई की टीम ने भारी मात्रा में गुटखा और करीब 53 मशीनें सील की हैं।

इससे पहले सीबीआई ने 5 सितंबर को भी करीब 40 ठिकानों पर छापेमारी की थी। तब एजेंसी ने मोगाप्पैर में तमिलनाडु के डीजीपी टीके राजेंद्रन, मदुरावोयाल के निकट पूर्व डीजीपी एस. जॉर्ज, स्वास्थ्य मंत्री सी. विजयभास्कर तथा अन्य पुलिस अधिकारियों के घरों की तलाशी ली थी।

गौरतलब है कि अप्रैल 2018 में मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को बड़ा झटका देते हुए गुटखा घोटाले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। घोटाले में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सी विजय भास्कर और डीजीपी टीके राजेंद्रन का नाम आने से काफी समय से तमिलनाडु की राजनीति में हलचल मची थी।

ये है 'गुटखा घोटाला'

'गुटखा घोटाले' 2016 में तमिलनाडु में गुटखा निर्माताओं के कार्यालयों, आवासों और गोदामों पर आयकर के छापे से संबंधित है। इस दौरान जब्त एक डायरी में विभिन्न अधिकारियों को कथित तौर पर दिये गए रिश्वत का ब्योरा दर्ज है।

गौरतलब है कि यह मामला सामने तब आया था, जब 8 जुलाई 2017 को आयकर विभाग ने लगभग 250 करोड़ की टैक्स चोरी के शक में एक गुटखा निर्मता कंपनी के गोदाम, दफ्तर और घरों में छापा मारा गया। राज्य सरकार ने 2013 में गुटखा और पान मसाला समेत खाद्य तंबाकू पदार्थों के उत्पादन, स्टोरेज और बिक्री पर रोक लगा दी थी।