वाराणसी। संपूर्ण विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके संकटमोचन संगीत समारोह के 94वें संस्करण का शुभारंभ शनिवार शाम से होने जा रहा है। इस छह दिनी अनुष्ठान का समापन 20 अप्रैल को होगा। इस बार प्रख्यात गायिका चित्रा सिंह संकटमोचन दरबार में हनुमानजी को सुरांजलि देंगी। 27 वर्षों के अंतराल के बाद उनका किसी मंच से यह पहला कार्यक्रम होगा।

हनुमान जयंती के अवसर पर संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र के सानिध्य में छह दिनों तक निरंतर चलने वाले इस सांगीतिक अनुष्ठान की पहली निशा का शुभारंभ हैदराबाद की प्रख्यात नृत्यांगना डॉ. पद्मजा रेड्डी के कुचिपूड़ी से होगा।

इसके पश्चात दिल्ली के पं. विश्वनाथ व प्रख्यात गजल गायक स्व. जगजीत सिंह की पत्नी चित्रा सिंह का गायन होगा। जयपुर के अहमद हुसैन-मोहम्मद हुसैन भी अपने सुरों से श्रोताओं को आनंदित करेंगे। कोलकाता के उस्ताद निशात खां के सितार वादन के साथ ही धारवाड़ से आए जयतीर्थ मेउंडी का गायन श्रोताओं के लिए आकर्षण का केंद्र होगा।

इनके साथ तबले पर सुभाष कांति दास व सारंगी पर पं. संतोष दास संगत करेंगे। अफगानिस्तान के गुलफाम अहमद खां भी दरबार में अपनी प्रस्तुति देंगे। पहली निशा का समापन काशी के जाने माने कलाकार पं. देवाशीष डे व शुभंकर डे के गायन से होगा। इनके साथ तबले पर पं. किशोर मिश्र संगत करेंगे।

होंगे हरिहरन, कंकना व जलोटा भी

संकटमोचन संगीत समारोह में प्रस्तुति देने के लिए ख्यात गायक हरिहरन, कंकना बनर्जी व अनूप जलोटा जैसे दिग्गज भी बनारस आएंगे।