मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। लखनऊ में 18 मार्च को आयोजित बीजेपी विधायक दल की बैठक में जहां योगी आदित्‍यनाथ को सीएम पद के लिए चुना गया, वहीं केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा को डिप्‍टी सीएम नामित किया गया है। बीजेपी की इस रणनीति से साफ है कि यूपी में गैर यादव पिछड़ों को एकजुट रखने के लिए ऐसा किया गया है।

कौशाम्बी में किसान परिवार में पैदा हुए केशव प्रसाद मौर्य के बारे में कहा जाता है कि उन्होने संघर्ष के दौर में पढ़ाई के लिए अखबार भी बेचे और चाय की दुकान भी चलाई। इलाहाबाद के फूलपुर से 2014 में पहली बार सांसद बने मौर्या काफी समय से विश्व हिंदू परिषद से जुड़े रहे हैं।

मौर्य कोइरी समाज के हैं और यूपी में कुर्मी, कोइरी और कुशवाहा ओबीसी में आते हैं।

विश्व हिंदू परिषद से जुड़े केशव 18 साल तक गंगापार और यमुनापार में प्रचारक रहे। 2002 में इलाहाबाद शहर पश्चिमी विधानसभा सीट से उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी के रूप में राजनीतिक सफर शुरू किया लेकिन बसपा प्रत्याशी राजू पाल के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

2007 के चुनाव में भी उन्होंने इसी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और एक बार फिर हार का मुंह देखना पड़ा। आखिरकार 2012 के चुनाव में उन्हें सिराथू विधानसभा सीट से भारी जीत मिली। दो साल तक विधायक रहने के बाद 2014 लोकसभा चुनाव में पहली बार फूलपुर सीट पर बीजेपी का झंडा फहराया।